पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सड़क खोद रही नक्सलियों की जड़, इसलिए बार-बार खून की होली: एनालिसिस

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर.    नक्सली जहां बार-बार खून की होली खेल रहे हैं, दक्षिण बस्तर का यही इलाका लाल आतंक का गढ़ है। करीब 900 से 1000 स्क्वेयर किलोमीटर घना जंगल। इसका मुख्यालय है जगरगुंडा। इसी जगरगुंडा को तीन तरफ से घेरने के लिए तीन अलग-अलग सड़कें बनाई जा रही हैं। पहली दोरनापाल से जगरगुंडा तक की 60 किलोमीटर की सड़क है, जिस पर सबसे अधिक घटनाएं हो रही हैं। सोमवार को भी इसी पर नक्सलियों ने वारदात की। इसके अलावा एक सड़क बीजापुर से और दूसरी दंतेवाड़ा में अरनपुर से बन रही है। दोरनापाल से जगरगुंडा के बीच बनाई जा रही सड़क का काम ही सबसे बड़ी चुनौती है। नक्सलियों के इस अटैक का सीनियर जर्नलिस्ट शिव दुबे ने एनालिसिस किया है। पीडब्ल्यूडी ने 18 टेंडर निकाले थे...
 
 
- यह सड़क 17 सालों तक नक्सलियों के कब्जे में रही। जब इसको बनाने का फैसला हुआ तब पीडब्लूडी ने 18 बार टेंडर निकाले। 
- कोई ठेकेदार काम करने के लिए तैयार नहीं हुआ। बाद में पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन को इसे बनाने का जिम्मा दिया गया। 
- यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि रेत, गिट्टी और सीमेंट का गारा जवानों के खून से तैयार किया जा रहा है। सड़क बनाने के लिए बुर्कापाल में सीआरपीएफ का कैंप लगा दिया गया है। 
- इसी कैंप के जवान रोड ओपनिंग के निकले थे। यहां रोड ओपनिंग का मतलब है कि बिना किसी रोकटोक के काम चलता रहे और नक्सली कोई बाधा न डाल सकें। बारूदी सुरंग न बिछा सकें। 
- महिलाओं और चरवाहों के जरिए कई बार की रेकी की। फिर जवानों को घेरकर हमला। ठीक उसी तरह जैसा ताड़मेटला में खाना बनाते वक्त 76 जवानों को छलनी कर दिया था। 
- सोमवार को भी खाने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुए जवानों को संभलने का मौका नहीं दिया। नक्सली गोरिल्ला वार में इसी तरह से हमला करते हैं। 
 
आगे क्या: रणनीतिक बदलाव नहीं होंगे, ऑपरेशन जरूर तेज होंगे 
- इस वारदात के बाद एक सवाल बार-बार किया जा रहा है कि क्या नक्सली मोर्चे पर रणनीतिक बदलाव होंगे? 
- इसके जवाब में पुलिस हेडक्वार्टर छत्तीसगढ़ के आला अफसरों का कहना है कि मौजूदा रणनीति काफी सोच-समझकर बनाई गई है। इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है, बल्कि और आक्रामक होने की जरूरत है। 
- चूंकि यह इलाका तेलंगाना बॉर्डर से लगा है, इसलिए सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम करना होगा। अविभाजित आंध्रप्रदेश के ग्रे-हाउंड और छत्तीसगढ़ एसटीएफ के ट्रेंड कमांडोज को लेकर ज्वाइंट ऑपरेशन चलाने की उम्मीद बढ़ गई है। 
 
ये भी पढ़ें: 
 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- परिस्थिति तथा समय में तालमेल बिठाकर कार्य करने में सक्षम रहेंगे। माता-पिता तथा बुजुर्गों के प्रति मन में सेवा भाव बना रहेगा। विद्यार्थी तथा युवा अपने अध्ययन तथा कैरियर के प्रति पूरी तरह फोकस ...

और पढ़ें