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काबुल में इंडियन एम्बेसी के करीब ब्लास्ट, सभी आफिशियल्स सेफ

Dainik Bhaskar

May 31, 2017, 09:42 AM IST

काबुल में इंडियन एम्बेसी के करीब ब्लास्ट, सभी आफिशियल्स सेफ

हमले वाली जगह से डैमेज हुई गाड हमले वाली जगह से डैमेज हुई गाड
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काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में इंडियन एम्बेसी के पास बुधवार सुबह हुए ब्लास्ट में 90 लोगों की मौत हो गई। 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है। यह ब्लास्ट ट्रक में विस्फोटक रखकर किया गया। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि इलाके में मौजूद कई देशों की एम्बेसी और घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए और दरवाजे उखड़ गए। 50 से ज्यादा गाड़ियां बुरी तरह डैमेज हो गईं या उनके परखच्चे उड़ गए। हमले में इंडियन एम्बेसी के सभी ऑफिशियल्स सेफ हैं। अफगान हेल्थ मिनिस्ट्री ने की मौतों की पुष्टि...
- काबुल में इंडियन एम्बेसडर मनप्रीत वोहरा ने बताया कि ब्लास्ट इंडियन एम्बेसी से महज 100 मीटर की दूरी पर हुआ।
- गृह मंत्रालय के मुताबिक, जानबाक चौराहे पर विस्फोटक से भरे एक ट्रक को सुबह 8:30 बजे फिदायीन ने उड़ा दिया। हमले में 320 लाेग घायल हुए हैं।
- चश्मदीदों के मुताबिक, मौके पर बॉडी बिखरी पड़ी थीं। पूरे इलाके में घना धुआं उठ रहा था। दर्जनों कारें सड़क पर ही फंस गईं। क्योंकि बदहवास लोग सड़कों पर दौड़ रहे थे।
तालिबान का हमले में शामिल होने से इनकार
- इस हमले की अभी तक किसी आतंकी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है। शक जताया जा रहा था कि इसके पीछे तालिबान हो सकता है, लेकिन खुद इस आतंकी गुट ने इससे इनकार किया है।
- यहां बीते कुछ दिनों में हुए हमलों की आईएसआईएस ने जिम्मेदारी ली है।
लोगों से ब्लड डोनेशन की अपील
- अफगान होम मिनिस्ट्री ने काबुल के लोगों से हाॅस्पिटल पहुंचकर ब्लड डोनेट करने की अपील की है।
- लोग सिक्युरिटी चेक प्वाइंट्स पर अपनों की तलाश में पहुंच रहे हैं।
- अफगानिस्तान की तोलो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमले में हताहत हुए ज्यादातर आम नागरिक हैं।
मोदी ने की हमले की निंदा
- नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा की है। उन्हाेंने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला करने में भारत अफगानिस्तान के साथ खड़ा है।
- उन्हाेंने कहा कि आतंकवाद का साथ देने वाली ताकतों को शिकस्त देने की जरूरत है।
- हमले के कुछ देर बाद ही सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके इंडियन ऑफिशियल्स के सेफ होने की जानकारी दी।
शनिवार को खोस्त शहर में हुआ था ब्लास्ट
- इस महीने की शुरुआत में काबुल में ही अमेरिकी एम्बेसी के बाहर फिदायीन हमला किया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी।
- पिछले सोमवार को कंधार में सिक्युरिटी फोर्सेज को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इसमें 11 सैनिकों की मौत हो गई थी।
- इसके बाद शनिवार को खाेस्त शहर में फिदायीन ने कार में ब्लास्ट किया था, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम कर रहीं अफगान सिक्युरिटी फोर्सेज को निशाना बनाकर ये हमला किया गया था।
हमलों में सबसे ज्यादा पिछले साल हताहत हुए
- यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी। 7920 लोग घायल हुए। यानी 11418 लोग हताहत हुए। पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था। 2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था।
- UNAMA की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी। 1466 लोग घायल हुए थे।
अमेरिकी फौज आने के बाद बढ़ रहीं मुश्किलें
- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी और विदेशी सेनाएं अफगानिस्तानी फोर्स की मदद करती रही हैं।
- फिलहाल यहां 8400 अमेरिकी सैनिक और 5000 नाटो सैनिक हैं। इनका मुख्य काम सलाहकार के रूप में काम करना है।
- छह साल पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक थे। 2011 से 2013 के बीच अमेरिकी फौज की वापसी के बाद यहां आतंकी हमलों में तेजी आई है।

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