नई दिल्ली. चार्ली चैपलिन, पेंटर पाब्लो पिकासो और सिंगर एल्विस प्रेस्ले के पूर्वज भारतीय हो सकते हैं। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) की मानें तो इन सेलिब्रिटी के पुरखे कई साल पहले भारत से चले गए थे। किस बात की पड़ताल करेगा आईसीसीआर...
- दिल्ली में शुक्रवार से 3 दिन का सेमिनार शुरू हुआ। इसमें रोमा कम्युनिटी से जुड़ी सेलिब्रिटीज के भारतीय मूल के होने पर चर्चा होनी है।
- सेमिनार में फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज और महेश शर्मा भी शामिल होंगे।
- साथ ही इसमें देश-विदेश के 30 अन्य स्कॉलर और आर्टिस्ट भी हिस्सा लेंगे।
- इनके अलावा सेमिनार में फिनलैंड के गॉस्पल म्यूजिक आर्टिस्ट और रशियन जिप्सी म्यूजिक आर्टिस्ट को भी इनवाइट किया गया है।
- आईसीसीआर के डायरेक्टर जनरल सी राजशेखरन के मुताबिक कॉन्फ्रेंस का मकसद रोमा कम्युनिटी के लोगों के भारतीय मूल का होने का पता लगाना है। इन लोगों ने सही मायनों में भारतीय परंपराओं को बरकरार रखा है।
- 'रोमा कम्युनिटी से जुड़े खास लोगों में चार्ली चैपलिन और एल्विस प्रेस्ले जैसी सेलिब्रिटीज के नाम लिए जा सकते हैं। लेकिन रिसर्च के बाद कई और खास नाम शामिल किए जा सकेंगे।'
- 'प्रारंभिक रूप से हमें जो जानकारी लगी है, उसके मुताबिक इनके पूर्वज करीब 2500 साल पहले यूरोप चले गए थे। लेकिन उन लोगों ने आज तक हमारी सोशल और कल्चरल विरासत को संजोकर रखा है।'
- 'हम इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि अब हम लोगों और उनमें क्या एक जैसा है।'
और कौन सी शख्सियतें हो सकती हैं भारतीय मूल की?
- एक्टर यूल ब्राइनर, दो बार के ऑस्कर विनर माइकल केन, एक्टर बॉब हॉस्किंस, फ्लेमेंको डांसर मिशेला फ्लोरेस अमाया, टेनिस प्लेयर आइली नस्तासे, वॉयलनिस्ट जैनोस बिहारी और ग्रीक सिंगर ग्लाइकेरिया कोत्सूला शामिल हैं।
- सोशल साइंटिस्ट शिव विश्वनाथन के मुताबिक 'यूरोप की कुछ जिप्सी कम्युनिटीज का ताल्लुक रोमा लोगों से है। यह भी पॉसिबिलिटी है कि जिप्सियों के पुरखे भी भारत से माइग्रेट कर गए हों। लेकिन चैप्लिन, पिकासो या प्रेस्ले इन कम्युनिटीज से थे, ये कहना मुश्किल है।'
- आईसीसीआर अफसरों के मुताबिक रोमा कम्युनिटी को हम भारतीय इतिहास का गुम हो चुका पन्ना मान सकते हैं। इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स द्वारा की गई रिसर्च पर इस सेमिनार में चर्चा होगी।
- माना जाता है कि रोमा कम्युनिटीज के लोगों का रिलेशन भारत की डोम, बंजारा, गुज्जर, सांसी, चौहान, सिकलीगर, धांगर और नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के कई खानाबदोश ग्रुप के साथ था।
- रोमा कम्युनिटीज की कई परंपराएं, आदतें और जीवन जीने के तरीके पंजाब और उसके आसपास रहने वाले लोगों से मिलते-जुलते हैं। इसके चलते उन्हें इंडियन ओरिजिन के होने की पॉसिबिलिटी जताई जाती है।
क्या है रोमा कम्युनिटी? कब हुए माइग्रेट?
- रोमा लोगों को सिंती या सिंधी, काले या रोमानी भी कहा जाता है। इनका रिलेशन इंडो-आर्यन के एक ग्रुप से माना जाता है।
- माना जाता है कि रोमा कम्युनिटी के लोगों का रिलेशन भारत में हथियार बनाने वाले समूहों से था। जो सिकंदर की सेना के साथ यूरोप चले गए थे। सिकंदर का भारत में हमला 326 BC (ईसवी पूर्व) में हुआ था।
- इसके अलावा ईरान (पर्शिया) के राजा बेहराम गुर की रिक्वेस्ट पर उस वक्त के भारतीय राजा ने कुछ म्यूजिशियंस को वहां भेजा। ये लोग भारत से गुलाम ले गए और सेंट्रल एशिया के खुरासान के बाजार में बेच दिया।
- यह भी माना जाता है कि पृथ्वीराज चौहान (1066-92) की सेना में शामिल कई लोग अलग-अलग देशों में जाकर घोड़ों का बिजनेस करने लगे।
- आईसीसीआर के मुताबिक पूरी दुनिया में रह रहे रोमा कम्युनिटीज का रिलेशन भारत से ही जोड़ा जाता है। भले ही उन्हें भारत में भुला दिया गया है लेकिन वे लोग भारतीय परंपराओं को सहेजकर रखने में गर्व महसूस करते हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...