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लंदन कोर्ट में भारतीय मूल की पहली अश्वेत जज बनीं अनुजा धीर

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2017, 03:20 PM IST

भारतीय मूल की एक महिला लंदन के ओल्ड बैले कोर्ट की पहली अश्वेत जज बनी हैं। इनका नाम है- अनुजा रवींद्र धीर।

अनुजा धीर ने 23 साल तक लंदन में वकालत की। इस दौरान ये प्रॉसीक्यूटर और डिफेंस काउंसल दोनों रहीं।  - फाइल अनुजा धीर ने 23 साल तक लंदन में वकालत की। इस दौरान ये प्रॉसीक्यूटर और डिफेंस काउंसल दोनों रहीं। - फाइल
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नई दिल्ली/लंदन. भारतीय मूल की एक महिला लंदन के ओल्ड बैले कोर्ट की पहली अश्वेत जज बनी हैं। इनका नाम है- अनुजा रवींद्र धीर। ये बचपन में डिस्लेक्सिया से पीड़ित थीं। ऐसे लोगों को पढ़ने-लिखने में प्रॉब्लम होती है। 49 साल की अनुजा लंदन कोर्ट की यंगेस्ट जज भी हैं। लंदन में 23 साल तक वकालत की...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अनुजा धीर इंडियन इमिग्रेंट पेरेंट्स की बेटी हैं। इनका जन्म डुंडी (स्कॉटलैंड) में हुआ था। इन्होंने डुंडी यूनिवर्सिटी से स्कॉटिश लॉ की पढ़ाई की थी। बाद में लंदन में ग्रे इन स्कॉलरशिप भी जीती। वहां बार में इन्हें 1989 में बुलाया गया और इन्होंने वहां 23 साल तक वकालत की। इस दौरान ये प्रॉसीक्यूटर और डिफेंस काउंसल दोनों रहीं।
टीचर ने कहा था- हेयरड्रेसिंग को करियर बनाओ
- अनुजा जब हाई स्कूल में थीं तो उनकी एक टीचर ने उन्हें हेयरड्रेसिंग को करियर बनाने की सलाह दी थी। स्कूल के दिनों को याद करते हुए अनुजा कहती हैं, "मैं डिस्लेक्सिया से पीड़ित थी, इसलिए मुझे पढ़ने-लिखने में प्रॉब्लम होती थी। 1970 में मैं स्कॉटलैंड में एक स्कूल में पढ़ रही थी, उस वक्त वहां लड़कियों को करियर बनाने के लिए एनकरेज नहीं किया जाता था। जब मैंने पहली बार एक टीचर से यूनिवर्सिटी जाने की अपनी इच्छा का जिक्र किया तो उन्होंने कहा कि तुम्हें अपना गोल (लक्ष्य) छोटा रखना चाहिए। टीचर ने कहा कि तुम हेयरड्रेसिंग के लिए कोशिश कर सकती हो।"
कोर्ट में लोग मुझे गवाह या मुलजिम समझते थे
- मीडिया से बातचीत में अनुजा ने बैरिस्टर के तौर पर अपने सामने आई दिक्कतों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया, "जब मैं कोर्ट जाती थी तो लोग मुझे या तो गवाह समझते थे या फिर मुलजिम। लेकिन जब मैं उन्हें बताती थी कि मैं वकील हूं तो वे सरप्राइज हो जाते थे।" उन्होंने यह भी बताया कि एक बार वे लंदन में क्राउन कोर्ट जा रही थी, लेकिन गेट पर ही उन्हें सिक्युरिटी वाले ने रोक लिया। उसे यह यकीन नहीं हुआ कि अनुजा बैरिस्टर हैं। बाद में विग और गाउन दिखाने पर ही उन्हें अंदर जाने दिया गया।
- अनुजा ने यह भी बताया कि ज्यादातर क्लाइंट्स यह नहीं चाहते कि कोर्ट में कोई यंग एशियन, स्कॉटिश फीमेल उन्हें रिप्रेजेंट करे। इसके चलते उन्हें अपना क्लाइंट बेस बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अनुजा धीर इंडियन इमिग्रेंट पेरेंट्स की बेटी हैं। इनका जन्म डुंडी (स्कॉटलैंड) में हुआ था।  - फाइल अनुजा धीर इंडियन इमिग्रेंट पेरेंट्स की बेटी हैं। इनका जन्म डुंडी (स्कॉटलैंड) में हुआ था। - फाइल
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अनुजा धीर ने 23 साल तक लंदन में वकालत की। इस दौरान ये प्रॉसीक्यूटर और डिफेंस काउंसल दोनों रहीं।  - फाइलअनुजा धीर ने 23 साल तक लंदन में वकालत की। इस दौरान ये प्रॉसीक्यूटर और डिफेंस काउंसल दोनों रहीं। - फाइल
अनुजा धीर इंडियन इमिग्रेंट पेरेंट्स की बेटी हैं। इनका जन्म डुंडी (स्कॉटलैंड) में हुआ था।  - फाइलअनुजा धीर इंडियन इमिग्रेंट पेरेंट्स की बेटी हैं। इनका जन्म डुंडी (स्कॉटलैंड) में हुआ था। - फाइल
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