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ISIS सस्पेक्ट ने NIA को बताया- ब्लॉक किए जाने के बाद कैसे खोलता था फेसबुक?

5 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. आईएसआईएस सस्पेक्ट हुसैन उर्फ अदनान दामुदी ने एनआईए को बताया कि किस तरह से वह ब्लॉक किए गए फेसबुक को हर बार शुरू कर लेता था। हाल ही में हुसैन को आईएसआईएस से जुड़े होने शक में यूएई से भेज दिया गया था। दुनिया भर की एजेंसियां नहीं रोक पा रहीं आईएसआईएस का प्रोपेगैंडा....

- अदनान यूएई में एक टेलिकॉम कंपनी में इवेंट मैनेजर था।
- अदनान के मुताबिक उसके प्रो-आईएसआईएस फेसबुक पेज को दोबारा से खोलने में एक सर्बियाई सिटीजन ने मदद की थी।
- करीब एक साल पहले दामुदी ने 'इस्लामिक न्यूज अराउंड द ‌वर्ल्ड' नाम से फेसबुक पर पेज बनाया था।
- एनआईए सूत्रों के मुताबिक इस पेज पर अदनान इस्लामिक कट्टरपंथ और आईएसआईएस के प्रोपेगैंडा वीडियोज शेयर करता था।
- अदनान ने 'इस्लामिक न्यूज अराउंड द ‌वर्ल्ड' नाम से वॉट्सऐप ग्रुप भी बना रखा था।
- अदनान के फेसबुक पेज नाइजीरिया, सर्बिया, मलेशिया, सीरिया, इराक और भारत के प्रो-आईएसआईएस मेंबर्स के बीच खासा पॉपुलर था।
- उसने एनआईए को यह भी बताया कि क्यों दुनिया भर की सिक्युरिटी एजेंसियां आईएसआईएस का प्रोपेगैंडा को रोक पाने में नाकाम रही हैं।
ब्लॉक होने के बाद कैसे शुरू कर लेता था फेसबुक?
- अदनान का फेसबुक पेज बनाए जाने के कुछ महीनों बाद ब्लॉक कर दिया गया।
- अदनान ने जब उसे दोबारा रीलॉन्च करने की कोशिश की तो उससे एक नंबर पर मोबाइल नंबर और वन टाइम पासवर्ड (0TP) भेजने के लिए कहा गया।
- हाल ही में एजेंसियों ने एक सेफगार्ड डेवलप किया था। जिसके तहत ये एन्श्योर किया जाता था कि यूजर फेसबुक का मिसयूज नहीं करेगा।
- अदनान के अपने सारे नंबर यूज करने के बाद उसने अपने वॉट्सऐप ग्रुप पर इस बारे में चर्चा की।
- एक इंटेलिजेंस ऑफिसर के मुताबिक अदनान की एक सर्बियाई सिटीजन ने मदद की।
- जैसे ही अदनान का फेसबुक पेज ब्लॉक होता था, वो अदनान को एक नया नंबर और 0TP देता था। नतीजा ये हुआ कि अदनान का फेसबुक पेज हमेशा के लिए कभी बंद नहीं हुआ।
यूएई से कब भेजा गया था भारत?
- अदनान को 29 जनवरी को अजहर अल-इस्लाम (जम्मू-कश्मीर बेस्ड) और फरहान शेख (मुंबई) के साथ भारत भेज दिया गया।
- यूएई सरकार ने उसपर आईएसआईएस आइडियोलॉजी रखने, उसके लिए भर्तियां करने का आरोप लगाया था।
- अदनान ने एनआईए को बताया कि वह कभी भी सीरिया जाकर आईएसआईएस ज्वॉइन नहीं करना चाहता था।
- 'जब उसने आईएसआईएस के लोगों के सिर कलम करने वाले वीडियो देखे, उसने जाने की बात छोड़ दी।'
- 'उसने ग्रुप के लोगों से पूछा कि सिर कलम किया जाना सही तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।'
- 'यही वजह थी कि अदनान ने यूएई से केवल आईएसआईएस के लिए काम करने का फैसला किया।'
आईएम के कॉन्टेक्ट में था अदनान
- अदनान के मुताबिक वह इंटरनेट के जरिए इंडियन मुजाहिदीन के मेंबर शफी अरमार के कॉन्टेक्ट में था। दोनों के बीच आईएसआईएस के एजेंडे को लेकर बात होती थी।
- अदनान के पास काफी पैसा था। उसने शफी से किसी तरह का फाइनेंशियल सपोर्ट नहीं लिया था।
- अदनान लोगों को अपने खर्च पर सीरिया भेजने में मदद करता था।
- अदनान पर शक है कि उसने हैदराबाद के 4 लड़कों को 50 हजार रुपए भेजे थे। इन लड़कों को पिछले साल वेस्ट बंगाल से बांग्लादेश जाने के दौरान अरेस्ट कर लिया गया था।
- बताया गया था कि चारों लड़के सीरिया जाने वाले थे।
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