हमारे बारे में झूठी खबरें छपना देश की सिक्युरिटी के लिए बड़ा खतरा: PAK आर्मी

6 वर्ष पहले
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इस्लामाबाद. सेना और नवाज शरीफ सरकार के बीच मतभेद की खबरें सामने आने पर पाकिस्तान आर्मी ने पहली बार रिएक्शन दिया है। शुक्रवार को आर्मी कमांडर्स की मीटिंग के बाद जारी बयान में लीक जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया। आर्मी ने कहा है कि मीडिया में झूठी खबरें आने से पाकिस्तान की नेशनल सिक्युरिटी को खतरा है। बता दें कि पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' ने पहले पेज पर एक खबर दी थी। इसमें कहा गया था कि नवाज शरीफ ने आर्मी से दो टूक कहा है कि या तो आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करो या फिर दुनिया में अलग-थलग पड़ जाने के लिए तैयार रहो। क्या कहा पाकिस्तान आर्मी ने...
- पाकिस्तान के अखबार 'द नेशन' के मुताबिक, शुक्रवार की मीटिंग में 'द डॉन' अखबार की उस खबर पर ज्यादा माथापच्ची होती रही, जिसमें सेना और सरकार के बीच मतभेदों की जानकारी दी गई थी। बता दें कि जिस मीटिंग की बातें लीक होने का जिक्र किया गया, वो सर्जिकल स्ट्राइक के फौरन बाद नवाज के घर हुई थी। इस मीटिंग के अगले ही दिन 'द डाॅन' ने सेना और सरकार के बीच मतभेद की खबर छापी थी।
- आर्मी के तमाम कॉर्प्स कमांडर शुक्रवार की मीटिंग में मौजूद थे। आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने नेशनल और इंटरनेशनल सिक्युरिटी पर चर्चा की।
- मीटिंग के बाद जारी बयान में कहा गया- "सभी कमांडर्स इस बात को लेकर बेहद चिंतित थे कि झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाई जा रही हैं। इससे नेशनल सिक्युरिटी को खतरा पैदा हो रहा है।"
- मीटिंग में भारत के 29 सितंबर को किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को भी गलत बताया गया है। ये भी कहा गया कि कश्मीर में किए जा रहे जुल्म से ध्यान हटाने के लिए भारत इस तरह की खबरें फैला रहा है। भारत का नाम लिए बिना कहा गया कि अगर दुश्मन ने कोई भी गलत हरकत करने की कोशिश की, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
- बयान में भारत पर सीजफायर वॉयलेशन का भी आरोप लगाया गया है।
क्या है विवाद की जड़?
- उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना के कमांडोज ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की। इसमें 38 आतंकी और तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
- घटना के बाद नवाज ने आर्मी के साथ मीटिंग की। नवाज ने इसमें कहा- "आर्मी आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा।"
- ये खबर 'द डॉन' ने फ्रंट पेज पर सूत्रों के हवाले से छापी। इसके रिपोर्टर सेरिल अलमीडा के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई। बाद में इंटरनेशनल प्रेशर पड़ा तो बैन हटा लिया गया।
- पाकिस्तान सरकार और सेना खबर को झूठा बताने की कोशिश कर रही है, लेकिन अखबार का कहना है कि उसने जो खबर छापी थी, वो बिल्कुल सही थी।
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