PAK की ISI अपनी अलग फॉरेन पॉलिसी चला रही, उसके आतंकियों से कनेक्शन: US / PAK की ISI अपनी अलग फॉरेन पॉलिसी चला रही, उसके आतंकियों से कनेक्शन: US

हाल ही में अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट के एक पूर्व अफसर ने भी पाकिस्तान का आतंकवाद का मददगार कहा था।

DainikBhaskar.com

Oct 04, 2017, 09:54 AM IST
जनरल डनफोर्ड से पूछा गया था कि जनरल डनफोर्ड से पूछा गया था कि
वॉशिंगटन. अमेरिका के एक टॉप जनरल ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के आतंकी गुटों से संबंध हैं और वह अपनी एक अलग फॉरेन पॉलिसी चला रही है। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है। आईएसआई के आतंकी गुटों को सपोर्ट करने का शायद यह अब तक का सबसे बड़ा आरोप है। भारत और अफगानिस्तान भी समय-समय पर पाकिस्तान पर ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। जनरल जोसेफ डनफोर्ड ने लगाए आरोप...
- अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल जोसेफ डनफोर्ड सीनेट फॉरेन रिलेशन कमेटी के मेंबर्स को ऐड्रेस कर रहे थे।
- इस दौरान सीनेटर जो डोनेली के एक सवाल पर उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि आईएसआई के आतंकियों से रिश्ते हैं।"
- डोनेली ने उनसे पूछा था कि क्या वे अब भी मानते हैं कि आईएसआई के तालिबान से संबंध हैं?
- डनफोर्ड ने कहा कि अमेरिका बीते कई सालों से बाइलेटरल अप्रोच के जरिए कोशिश कर रहा है कि पाकिस्तान अपने बर्ताव में बदलाव लाए।
- हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई ऐसी चीज है जो पाकिस्तान के बर्ताव को बदल सके। उनका यह जरूर मानना है कि मल्टीलेटरल अप्रोच के जरिए यह मुमकिन है।
'हमने अपनी डिवाइस से देखा आतंकियों की जन्नतों को'
- डनफोर्ड के साथ अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर जिम मैटिस ने भी आईएसआई को निशाने पर लिया।
- इस दौरान मैटिस सार्वजनिक तौर पर पहली बार यह कहते दिखे कि आईएसआई अपनी खुद की फॉरेन पॉलिसी चला रही है और पाकिस्तान सरकार का उस पर कोई कंट्रोल नहीं है।
- उन्होंने कहा, "हमने आतंकियों की पनाहगाहों को अपनी डिवाइस से देखा है।"
- मैटिस ने कहा कि पाकिस्तान सरकार आतंकियों से नरमी बरत रही है, जबकि आईएसआई अपनी अलग फॉरेन पॉलिसी चलाती दिख रही है।
PAK विदेश मंत्री के US दौरे के वक्त आया यह बयान
- ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के अफसर और डिफेंस मिनिस्टर का यह बयान पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के तीन दिन के दौर पर वॉशिंगटन पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही आया है।
- आसिफ यहां अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर एचआर मैकमास्टर से मुलाकात करेंगे। आसिफ यहां इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में थिंक टैंक कम्युनिटी को भी ऐड्रेस करेंगे।
पिछले हफ्ते US पर भड़के थे आसिफ
- पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली की मीटिंग में पाकिस्तान की ओर से आसिफ शामिल हुए थे। तब उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकी गुटों को बढ़ावा देने के आरोपों पर नाराजगी जाहिर की थी।
- उन्होंने कहा था, "हम पर हक्कानी और हाफिज सईद को लेकर अारोप न लगाएं। ये वही लोग हैं जो 20-30 साल पहले अापके चहेते हुआ करते थे। व्हाइट हाउस में इनका खाना-पीना होता था। अब आप कह रहे हैं कि पाकिस्तानी भाड़ में जाए, क्योंकि वो इन लोगों को पनाह दे रहा है।"
US के पूर्व अफसर ने भी कहा था- PAK आतंकियों का मददगार
- हाल ही में अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट में पूर्व अफसर माइकल रुबिन ने पाकिस्तान को आतंकियों की मदद करने वाला देश कहा था।
- उन्होंने कहा था कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के लिए पाकिस्तान, कतर और तुर्की को आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाले देश डिक्लेयर करने का वक्त आ गया है।
PAK के लिए क्या कहा था रुबिन ने?
- उन्होंने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की इस लिस्ट में शामिल होने से लंबे वक्त से बचा हुआ है।"
- रुबिन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लीडर्स खुले तौर पर तालिबान को सपोर्ट करते हैं। इस्लामाबाद लगातार जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गुट को बर्दाश्त करता रहा है, जिसने टाइम्स स्क्वेयर के बॉम्बर को भर्ती किया। वह लश्कर-ए-तैयबा को सपोर्ट करते हैं, जो 2001 में भारत की संसद पर हुए हमले और 2008 में मुंबई के होटल में सैलानियों का कत्ल करने के लिए जिम्मेदार है। इस बात को भी नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के अफसरों की जानकारी के बगैर ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान के एबोटाबाद में रह रहा था।
- उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इन आतंकी गुटों पर कभी-कभी छापेमारी करता है, लेकिन इसमें उन्हें खत्म करने की उसकी मंशा नजर नहीं आती।
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जनरल डनफोर्ड से पूछा गया था कि जनरल डनफोर्ड से पूछा गया था कि
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