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UN में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने पर फिर चीन ने लगाई रोक

UN की ओर से बैन किए गए टेररिस्ट ऑर्नाइजेशंस की लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद का नाम है। मसूद इसका चीफ है।

Dainik Bhaskar

Nov 02, 2017, 08:24 PM IST
मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का चीफ और पठानकोट हमले का मास्टर माइंड है। (फाइल) मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का चीफ और पठानकोट हमले का मास्टर माइंड है। (फाइल)

बीजिंग. पठानकोट हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने की कोशिशों पर चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया है। यूनाइटेड नेशन्स सिक्युरिटी काउंसिल के परमानेंट मेंबर चीन ने कहा, "इस मसले पर सभी की सहमति नहीं है।" काउंसिल के दूसरे मेंबर्स अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मसूद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने का प्रपोजल रखा था। इससे पहले चीन फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग ने कहा था, "हमने टेक्निकल होल्ड इसलिए रखा, ताकि इस मसले पर कमेटी और इसके मेंबर्स को और वक्त मिल सके। लेकिन अभी भी इस मुद्दे पर सभी की सहमति नहीं दिखाई दे रही है।"

भारत ने चीन के कदम पर क्या कहा?

इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा, "एक आतंकवादी के लिए एक अकेला देश अंतरराष्ट्रीय सहमति बनने से रोक रहा है, ये जानकर हमें फिर निराशा हुई। हमारा मानना है कि दोहरे मापदंड आतंकवाद के खिलाफ अंतराष्ट्रीय लड़ाई को कमजोर करेंगे।"

पहले कब लगाया चीन ने अड़ंगा?

  • सिक्युरिटी काउंसिल में रखे गए प्रपोजल पर अगस्त में चीन ने टेक्निकल अड़ंगा लगा दिया था। ये तीन महीने तक था। इससे पहले फरवरी में भी चीन ने इस मूव को ब्लॉक कर दिया था।
  • चीन विदेश मंत्रालय के एक ऑफिशियल ने न्यूज एजेंसी को बताया, "चीन ने इस मूव को इसलिए रिजेक्ट कर दिया, क्योंकि मेंबर्स के बीच में आपसी सहमति नहीं बन पाई है।"

चीन के इस कदम के क्या मायने हैं?

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने के प्रपोजल पर चीन ने जो टेक्निकल होल्ड लगाया था, उसकी मियाद 2 नवंबर को खत्म हो रही थी। इसलिए उसने फिर रोक लगा दी। इसके बाद चीन के ऑफिशियल का कमेंट ये इशारा करता है कि चीन यूएन की 1267 कमेटी में इस एप्लिकेशन पर वीटो का इस्तेमाल करेगा, ताकि ये रद्द हो जाए।

भारत के प्रपोजल पर कब रोक लगाई?


चीन यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) में भारत के उस प्रपोजल को बार-बार अटका देता है, जिसमें अजहर को आतंकी डिक्लेयर करने की मांग की जाती है। 2016 में चीन ने अप्रैल, अक्टूबर और दिसंबर में इंडिया के प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड लगाया था। चीन अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर यूएन की 1267 कमेटी में अजहर के खिलाफ प्रपोजल को टेक्निकल होल्ड लगाता है।

मसूद अजहर के टेररिस्ट ग्रुप पर बैन है?


हां, यूनाइटेड नेशन्स की ओर से बैन किए गए टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन्स की लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद का भी नाम है। लेकिन चीन इस संगठन के फाउंडर मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने की भारत और अमेरिका की कोशिशों पर अड़ंगा लगाता रहा है।

कब हुआ पठानकोट हमला?

  • 2-3 जनवरी 2016 की दरमियानी रात पाकिस्तान से आए आतंकियों ने पंजाब में एयरफोर्स के पठानकोट बेस पर अटैक किया। इसमें 7 जवान शहीद हुए थे।
  • खुफिया जानकारी मिली थी कि अजहर ने इस अटैक के बाद फोन पर एक बड़ी रैली को ऐड्रेस किया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ फिर से जिहाद शुरू करने का एलान किया था। पठानकोट अटैक मामले में NIA की चार्जशीट में अजहर का भी नाम है।

भारत ने अजहर मसूद को क्यों छोड़ा था?


अजहर 1999 से पहले भारत की जेल में बंद था। 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइन्स के IC-814 प्लेन को हाईजैक कर लिया गया था। तब 178 पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़े गए आतंकियों में अजहर भी शामिल था।

ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हुआ तो क्या एक्शन होगा?

मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों की लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत की बड़ी कामयाबी होगी। अजहर की प्रॉपर्टी जब्त की जा सकेगी। वह खुलेआम पाकिस्तान में रैलियां नहीं कर सकेगा, जैसा कि अभी वह करता है।
एक देश से दूसरे देश में उसकी आवाजाही पर भी रोक होगी। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद पर पहले से ही बैन लगा है।
मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों की लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत की बड़ी कामयाबी होगी। मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों की लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत की बड़ी कामयाबी होगी।
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मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का चीफ और पठानकोट हमले का मास्टर माइंड है। (फाइल)मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का चीफ और पठानकोट हमले का मास्टर माइंड है। (फाइल)
मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों की लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत की बड़ी कामयाबी होगी।मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों की लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत की बड़ी कामयाबी होगी।
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