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GST क्या है, आगे इससे क्या होगा?

GST क्या है, आगे इससे क्या होगा?

Dainik Bhaskar

May 18, 2017, 09:02 PM IST
जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार रेट स्लैब का प्रपोजल था। (सिम्बॉलिक इमेज) जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार रेट स्लैब का प्रपोजल था। (सिम्बॉलिक इमेज)
नई दिल्ली. श्रीनगर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की मीटिंग में गुरुवार को आइटम्स के टैक्स रेट तय किए गए। जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार रेट स्लैब का प्रपोजल था। मीटिंग में 81% आइटम्स पर 18% से कम के स्लैब में रखा गया है। Q&A में जानते हैं आखिर जीएसटी क्या है और इससे क्या फायदा होगा...
1# क्या है GST?
- GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। ये ऐसा टैक्‍स है, जो देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा।
- इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
- सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
2# आखिर क्या हो जाएगा जीएसटी से?
- जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स। इसे केंद्र और राज्यों के 20 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले लगाया जा रहा है। जीएसटी के बाद एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, एटरटेनमेंट टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी जैसे टैक्स खत्म होंगे।
3# इससे मुझे यानी आम लोगों को क्या फायदा?
- टैक्सों का जाल और रेट कम होगा: अभी हम अलग-अलग सामान पर 30 से 35% टैक्स देते हैं। जीएसटी में कम टैक्स लगेगा।
- एक देश, एक टैक्स: सभी राज्यों में सभी सामान एक कीमत पर मिलेगा। अभी एक ही चीज दो राज्यों में अलग-अलग दाम पर बिकती है, क्योंकि राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं।
4# दुनिया में कितने फीसदी तक है जीएसटी?
- जीएसटी 150 देशों में लागू हो चुका है। लेकिन रेट अलग-अलग हैं।
- जापान में 5%, सिंगापुर में 7%, जर्मनी में 19%, फ्रांस में 19.6% है।
- स्वीडन में 25%, ऑस्ट्रेलिया में 10%, कनाडा में 5%, न्यूजीलैंड में 15% और पाकिस्तान में 18% तक है।
5# कितने राज्य अब तक पास कर चुके?
- जीएसजी को अब तक 10 राज्यों की विधानसभा में पास कर दिया गया है। इनमें तेलंगाना, बिहार, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं। 19 राज्यों में पास होना बाकी है।
6# कितने तरह के GST हैं और इनके मायने क्या हैं?
1. सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी: इसे केंद्र सरकार वसूलेगी।
2. एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी: इसे राज्य सरकार वसूलेगी।
3. आईजीएसटी यानी इंटिग्रेटेड जीएसटी: अगर कोई कारोबार दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर यह टैक्स लगेगा। इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देगी।
4. यूनियन टेरेटरी जीएसटी: यूनियन गवर्नमेंट द्वारा एडिमिनिस्ट्रेट किए जाने वाले गुड्स, सर्विस या दोनों पर लगेगा। इसे सेंट्रल गवर्नमेंट ही वसूलेगी।
7# क्या है इससे जुड़ा इंटरेस्टिंग फैक्ट?
- यह एक फैक्ट है कि पूरी दुनिया में जीएसटी लागू करने के बाद हुए चुनावों में कोई भी सरकार दोबारा नहीं चुनी गई है।
- इसकी वजह यह है कि जीएसटी लागू होने के बाद शुरुआती सालों में कुछ चीजें महंगी हो जाती हैं। इसका खमियाजा सरकार को भुगतना पड़ता है।
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जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार रेट स्लैब का प्रपोजल था। (सिम्बॉलिक इमेज)जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार रेट स्लैब का प्रपोजल था। (सिम्बॉलिक इमेज)
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