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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार आज एक महीना पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान केजरीवाल ने मंत्रियों से दी गई समयावधि में किये गए कार्यों पर रिपोर्ट भी मांगी।
हालांकि, केजरीवाल सरकार अब तक अपने किये कुछ वादों पर खरा उतरती नहीं दिख रही है। इन तीस दिनों में दिल्ली की जनता ने या तो केवल धरनों का दौर देखा या फिर आप के नेताओं की कॉन्ट्रोवर्सी। कानून मंत्री सोमनाथ भारती वैसे ही आप की फजीहत का सबब बनते जा रहे हैं। हालांकि केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने दूसरी सरकारों की तुलना में अच्छा काम किया है।
'आप' के कुछ बड़े कदम
सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें, तो दिल्ली सरकार ने मीटर कनेक्शन के साथ प्रतिमाह 20 किलोलीटर पानी की मुफ्त आपूर्ति, पहले 400 यूनिट के लिए बिजली दरों में 50 फीसदी कमी और कैग द्वारा बिजली कंपनियों का ऑडिट कराना शामिल है।
केजरीवाल सरकार ने एंटी करप्शन हेल्पलाइन जारी किये, ताकि विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार से दिल्ली की जनता को निजात मिल सके। इसमें सरकार को काफी हद तक कामयाबी भी मिली। आम आदमी पार्टी ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए गाड़ियों से लालबत्ती हटाई। मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सुरक्षा तामझाम से खुद को किनारा किया।
इन वादों का क्या?
आम आदमी पार्टी ने दावा किया था सरकार बनने के 15 दिन के अंदर जनलोकपाल बिल पास कर दिया जाएगा। नतीजा सबके सामने है। दिल्ली सरकार का कहना है बिल की ड्राफ्टिंग अंतिम चरण में हैं, जल्द विधानसभा में पेश किया जाएगा।
आप की सरकार ने कहा बेघरों के लिए रैनबसेरा बनाएंगे। एक एनजीओ की रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी से अबतक 181 बेघरों की ठंड लगने से मौत हो चुकी है। इस मामले में हाईकोर्ट केजरीवाल सरकार को फटकार भी लगा चुकी है।
महिला अपराधों से निपटने के लिए आप ने दावा किया था कि दिल्ली में महिला कमांडो दस्ते का गठन किया जाएगा। लेकिन इस दिशा में भी सराकर ने कोई कदम नहीं उठाया।
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