फाइल फोटो: ओ पनीरसेल्वम
चेन्नई। आय से अधिक संपत्ति मामले में
एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता को सजा होने के बाद पार्टी के नेता ओ पनीरसेल्वम को तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। दोषी ठहराए जाने के बाद
जयललिता की सदस्यता खत्म हो गई थी। रविवार को पार्टी विधायक दल की बैठक हुई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। उधर, जयललिता को सजा होने से दुखी उनके एक समर्थक ने रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, कांचीपुरम कस्बे में बाबू नाम के 45 वर्षीय शख्स ने पेड़ से फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि जयललिता को सजा होने की वजह से बाबू काफी परेशान चल रहा था।
कौन हैं पनीरसेल्वम
तमिलनाडु के वित्तमंत्री ओ पनीर सेल्वम राज्य की बोदिया कुन्नूर सीट से विधायक हैं। पनीरसेल्वम जयललिता के सबसे वफादार लोगों में गिने जाते हैं। साल 2001 में भी तांसी जमीन घोटाले के मामले में सजा पाने वाली जयललिता ने तब विधायक रहे ओ पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बना दिया था। पनीर सेल्वम थेवर समुदाय से आते हैं। पनीरसेल्वम ने रविवार शाम राज्य के गर्वनर से मुलाकात की।
प्रदर्शन जारी
एआईएडीएमके के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु और कर्नाटक में रविवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। चेन्नई में पार्टी मुख्यालय के सामने कार्यकर्ता घंटों तक जयललिता की सजा का विरोध करते नजर आए और डीएमके के खिलाफ नारेबाजी की। बेंगलुरु में भी कई जगहों पर नारेबाजी की गई। उधर, एआईएडीएमके के कई नेताओं ने बेंगलुरु के सेंट्रल जेल पहुंचकर जयललिता से मुलाकात की।
करुणानिधि और स्टालिन के खिलाफ तीन एफआईआरपुलिस ने बताया कि शहर के रोयापेट्टा पुलिस स्टेशन में करुणानिधि और स्टालिन के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई है।
एआईडीएमके समर्थकों ने आरोप लगाया था कि डीएमके के कुछ कार्यकर्ताओं ने करुणानिधि के गोपालपुरम स्थित आवास के पास उन पर घातक हथियारों से हमला किया था। ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (हिंसा भड़काने), 148 (हिंसा और घातक हथियारों का इस्तेमाल), 324 (घातक हथियारों से चोट पहुंचाने), 336 (दूसरों की जान खतरे में डालने) और 506/2 (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज किए गए हैं।
सजा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी जयललिता
एआईएडीएमके प्रमुख सोमवार को जमानत के लिए अप्लाई कर सकती हैं। उनके वकील कर्नाटक हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दे सकते हैं। साथ ही उनकी सजा के खिलाफ अपील करने की रणनीति भी तैयार की जा रही है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जमानत अर्जी पर मंगलवार को ही सुनवाई हो पाएगी क्योंकि त्योहार की वजह से हाईकोर्ट में 29 सितंबर से लेकर 6 अक्टूबर तक छुट्टी है और वेकेशन बेंच मंगलवार को सुनवाई करेगा।
आगे देखें: जेल में जयललिता से मिलने पहुंचे पार्टी नेताओं और सजा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समर्थकों की तस्वीरें