हैदराबाद. आंध्र प्रदेश विधानसभा में तेलंगाना के गठन से संबंधित बिल का प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए विधानसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।
विधानसभा में तेलंगाना के गठन के बिल को खारिज करने का प्रस्ताव खुद मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने ही रखा था।
तेलंगाना पर मुश्किल में केंद्र
तेलंगाना गठन के विरोध के प्रस्ताव को मंजूर कराने के साथ ही, मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से इस विधेयक को संसद में न भेजने का भी अनुरोध किया है। जबकि यूपीए सरकार इस बिल को फरवरी में होने वाले संसद सत्र में पास करा लेना चाहती है।लेकिन विधानसभा में तेलंगाना और राज्प्रय पुनर्गठन का प्रस्ताव खारिज हो जाने की स्थति में राष्ट्रपति के लिए इस बिल को संसद में भेजना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री का मत
इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण रेड्डी के मुताबिक मौजूदा तेलंगाना बिल में कई खामियां हैं। बिल में राज्य के बंटवारे की कोई उचित वजह नहीं बताई गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य का विभाजन पूरी तरह अव्यवहारिक है और असहमति से किया जा रहा है। सीएम ने कहा है कि अगर मौजूदा हालत में ही बिल संसद में पेश हुआ,तो वे राजनीति छोड़ देंगे।