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प्रख्यात चित्रकार रामकुमार की करीब 7 करोड़ रुपए की दस पेंटिग्स चोरी

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटोः रामकुमार, प्रख्यात पेंटर)
नई दिल्ली. देश के जाने-माने चित्रकार राम कुमार की करीब दस बहुमूल्य पेंटिंग्स रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई है। इन पेंटिंग की कला बाजार में कीमत करीब 7 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। 90 वर्षीय पद्मभूषण रामकुमार ने बताया कि रविवार शाम इन पेंटिंग्स चोरी होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रीत विहार थाने में एफआईआर दर्ज कराया है।

रामकुमार ने बताया कि करीब दस पेंटि्ग्स में तीन पेंटिंग के नाम तो उन्हें याद हैं। इनमें 1956 में बनाई गई पेंटिंग सैड टाउन (उदास शहर,) 1957 में बनाई गई सारो (दुख) तथा 1966 में बनाई गई थ्री वूमन (तीन औरतें) हैं। शेष पेंटिंग्स के नाम और वर्ष उन्हें याद नहीं है। उन्होंने बताया कि वे सभी पेंटिंग की गिनती करके अपने स्टूडियो में रखते है और साल में एक-दो बार उसकी गिनती करते हैं। रविवार को जब इन पेंटिंग की गिनती की गई, तो उसमें से दस पेंटिंग्स गायब मिली। उन्होंने बताया कि अपने जीवनकाल में उन्होंने करीब 500 पेंटिंग बनाई होंगी। जो पेंटिंग गायब हुईं, वे उनकी प्रिय थी और आज कला बाजार में उनकी कीमत कम से कम 7 करोड़ रुपए के आसपास होगी।

हुसैन, तैयब मेहता के समकालीन चित्रकार हैं रामकुमार-
प्रख्यात लेखक निर्मल वर्मा के बड़े भाई रामकुमार ललित कला अकादमी के फैलो भी रह चुके है और पूरी दुनिया में अपने अमूर्त चित्रों के लिए जाने जाते है। 1924 में हिमाचल प्रदेश के शिमला में जन्में रामकुमार, मकबूल फिदा हुसैन, तैयब मेहता और एसएच रजा के समकालीन एवं गहरे मित्र रहे है और देश के चोटी के पेंटरों में उनकी गिनती होती है।