मुंबई. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा पीएम मोदी के बारे में की गई कुछ टिप्पणियों से नाराज बीजेपी ने रविवार को कहा कि उसके कार्यकर्ता नहीं चाहते कि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर और बातचीत हो। पार्टी की महाराष्ट्र यूनिट के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ''उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों का मकसद नरेंद्र मोदी को नीचा दिखाना था। महाराष्ट्र भाजपा ने उनकी टिप्पणियों की पुरजोर आलोचना की है। हमारे कार्यकर्ता दोनों दलों के बीच बातचीत रोकने और अपनी खुद की राह तलाशने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव डाल रहे हैं।''
गौरतलब है कि उद्धव ने शनिवार को एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा था कि मोदी लहर कई राज्यों में असर दिखाने में असफल रही और हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत का श्रेय केवल मोदी को नहीं, बल्कि उनके गठबंधन सहयोगियों को भी दिया जाना चाहिए। उद्धव ने कहा था, ''क्या मोदी लहर का असर तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में नजर आया? कामयाबी में सहयोगी पार्टियों की भी भूमिका है। मोदी हमारे गठबंधन के पीएम हैं।''
सीट बंटवारे पर विवाद गहराया
भंडारी ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब शिवसेना प्रमुख ने पीएम मोदी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की हो। भंडारी ने विश्वास जताया कि राज्य में अगली सरकार बीजेपी के नेतृत्व में ही बनेगी। बता दें कि ये भी अटकलें हैं कि सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों सहयोगी पार्टियों के बीच विवाद काफी गहरा चुका है। बीजेपी आधी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, इस वजह से शिवसेना चुनावों में अकेले ही उतरने के बारे में विचार कर रही है।
रूडी ने दी सफाई
हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना के बीच कोई विवाद नहीं है। रूडी के मुताबिक, ''दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते बेहद मजबूत हैं। बीजेपी अध्यक्ष
अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख से मिलकर एक प्रस्ताव दिया है। इसके मुताबिक, छोटी क्षेत्रीय पार्टियों को सीटें आवंटित करने के बाद बाकी बची सीटें शिवसेना और बीजेपी के बीच बंटेंगी। प्रस्ताव पर जवाब का इंतजार है।''