नई दिल्ली. 'सरकार चलाने वाले अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम की आर्थिक समझ दिवालिया हो गई है।' ये बात गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रकाश जावड़ेकर ने पार्टी की नियमित ब्रीफिंग के दौरान कही। उन्होंने केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास महंगाई रोकने का केवल एक ही तरीका है ब्याज दर बढ़ा दो। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ लोगों को नुकसान होगा, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल असर होगा।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार आपूर्ति पर ध्यान नहीं दे रही है। वह मांग को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। ऐसा करने से अर्थव्यवस्था सुधरने की बजाए और बिगड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते लोगों की ऋण की मासिक कीमत बढ़ेगी। इसके अलावा ईंधनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि मांग को रोकने से लागत बढ़ती है और निर्यात घटता है, जो अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।