पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Brand Kejriwal Hits The Rock, Dharna Takes Shine Out Of Delhi CM?

\'ब्रैंड केजरीवाल\' को जोरदार झटका: रोल मॉडल से बने राजनीति के \'लंपट\'!

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली. क्या बीते 72 घंटों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ईमानदार, जनता के हित में सोचने वाले नेता की गढ़ी हुई छवि को नुकसान पहुंचा है? क्या दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए दो दिनों तक धरने पर बैठने की वजह से 'ब्रैंड केजरीवाल' को झटका लगा है? इन सवालों के जवाब देने मुश्किल हैं। लेकिन वैकल्पिक राजनीति का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनकी राजनीति को रोल मॉडल के रूप में देखते रहे कई लोग अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सोशल मीडिया, मीडिया और सार्वजनिक बहसों में कई लोग जो 'केजरीवाल छाप' राजनीति के समर्थक रहे हैं, अब खुद को निराश बता रहे हैं। केजरीवाल से लोगों को बहुत उम्मीदें रही हैं। लेकिन जिस तरह से वे 'पॉलिटिक्स' करते दिख रहे हैं तो उनमें और अन्य पार्टियों को नेताओं में फर्क तेजी से कम होता दिखने लगा है। केजरीवाल अपनी बातों से पलट कर यू-टर्न ले रहे हैं। शायद यही वजह है कि लोग उनसे नाराज होने लगे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता, अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और मशहूर राजनीतिक चिंतक आशुतोष वार्ष्णेय, प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश जैसे कई लोग अरविंद केजरीवाल के धरने पर बैठने के फैसले की तीखी आलोचना कर रहे हैं। उर्मिलेश तो केजरीवाल के धरने को 'राजनीति का लंपटवाद' तक करार दे चुके हैं। मशहूर लेखक और स्तंभकार चेतन भगत खुद को आप और अरविंद का समर्थक बताते रहे हैं। लेकिन केजरीवाल के धरने पर वे भी खफा हैं और उनका कहना है कि पार्टी ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी तो केजरीवाल और उनके साथियों को 'शहरी नक्सली' कहते रहे हैं।