नई दिल्ली. वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है। उसे इटली के एक बिचौलिए और रक्षा कंपनी के अधिकारियों एवं अन्य के बीच टेलीफोन वार्ता के ट्रांस्क्रिप्ट मिल गए हैं। इस कंपनी में इटली सरकार का 30 फीसदी हिस्सा है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यहां कहा कि टेलीफोन वार्ता का यह विवरण इटली के अभियोजकों ने रक्षा मंत्रालय को सौंपा था क्योंकि उसे ‘प्रभावित पक्ष’ बनाया गया है। यह विवरण अब सीबीआई को दे दिया गया है। सूत्रों ने बताया ट्रांसक्रिप्शन इतालवी भाषा में है। सीबीआई आगे कार्रवाई के लिए इसका अनुवाद करवा रही है। इसमें कथित बिचौलिए हश्के और गेरोसा कार्लो के बीच बातचीत का विवरण है। इटली के अधिकारियों ने यह फोन वार्ता टैप की थी। इसका उल्लेख उन्होंने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी किया था। यह पता नहीं चल सका है कि इनमें किसी भारतीय बिचौलिए का भी जिक्र है या नहीं।
रक्षा मंत्रालय को क्यों दिए दस्तावेज
इटली के नियमों के मुताबिक किसी भी जांच के दौरान सभी दस्तावेज संबंधित पक्षों के साथ साझा करने होते हैं। इटली के अधिकारियों ने आरोप लगाए थे कि वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा करने के लिए कंपनी ने रिश्वत दी थी। इसके बाद अगस्ता वेस्टलैंड की तरफ से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति निगरानी के दायरे में आ गई।
सीबीआई ने लिए हैं 13 के नाम
सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर में 13 लोगों को आरोपी बनाया है। जिनमें पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एसपी त्यागी (तस्वीर में), यूरोपीय बिचौलिए गेरोसा, क्रिश्चियन माइकल और हश्के शामिल हैं।