(फाइल फोटोः चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा)
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा शुक्रवार को सुनवाई के दौरान बुरी तरह खफा हो गए। उन्होंने पहले तो सीबीआई डायरेक्टर की पैरवी कर रहे वकील विकास सिंह को डांट पिलाई। फिर यहां तक कह गए, '...शुक्र है मुझे ऐसे दिन और नहीं देखने पड़ेंगे।' लोढ़ा 27 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं।
वाकया कोयला घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पेश आया। सिन्हा पर एनजीओ 'कॉमन कॉज' ने घोटाले के आरोपियों से मिलने उन्हें बचाने का आरोप लगाया है। सिन्हा के घर की विजिटर्स लिस्ट के आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं। एनजीओ की पैरवी वकील प्रशांत भूषण कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान भूषण ने कई बार विजिटर्स लिस्ट का मुद्दा उठाया। हर बार विकास ने तेज आवाज में आपत्ति जताई। चीफ जस्टिस ने उनको धीरे बोलने को कहा। वे नहीं माने तो चीफ जस्टिस भड़क गए। उन्होंने कहा 'यह स्थिति देश के सुप्रीम कोर्ट में है तो दूसरी अदालतों में क्या होता होगा? अंदाजा लगाया जा सकता है। आप (विकास) तीन बार अपनी हद लांघ चुके हैं। आप ऐसे जिरह नहीं कर सकते। सुनवाई को हाईजैक नहीं कर सकते। मुझे मत सिखाइए कि अदालत की कार्यवाही कैसे की जाती है। मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा। अच्छा है कि हमें ऐसे दिन और नहीं देखने पड़ेंगे।'
कोयला घोटाले से जुड़े किसी भी मामले में अंतिम निर्णय ले सीबीआई : सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने सीबीआई पर कोयला घोटाले से जुड़े किसी भी मामले में अंतिम फैसला लेने पर भी रोक लगा दी। कहा, 'आप अगली सुनवाई तक इंतजार करें। तब तक जल्दबाजी में कोई फैसला लें।' सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। कोर्ट ने केंद्र से हवाला कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़ी आयकर विभाग की आकलन रिपोर्ट जमा करने को भी कहा। एनजीओ का दावा है कि कुरैशी ने सिन्हा से 15 महीने में 90 मुलाकात की। कोर्ट ने केंद्र से इन दोनों मामलों में अपना रुख साफ करने को कहा।