फोटो: गुरुवार को राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जूता पहनाते हुए उनके सुरक्षा दल का सदस्य।
नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के बीच शिखर वार्ता के दौरान
12 समझौतों पर दस्तखत किए गए। समझौतों पर दस्तखत करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद ने दोनों देशों को लंबे समय से परेशान कर रखा है। जिनपिंग के मुताबिक, सीमा पर मौजूद इलाके पर बंटवारे की लकीरें खिंची जानी बाकी हैं, इसलिए कुछ घटनाएं घट सकती हैं। जिनपिंग ने कहा, "भारत आना मेरे लिए खुशी की बात है। भारत और चीन में विकास की अपार संभावनाएं हैं। मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयां छुएगा भारत। मैं अगले साल की शुरुआत में नरेंद्र मोदी को चीन की यात्रा के लिए आमंत्रित करता हूं।"
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "सीमा पर एलएसी की स्पष्टता पर फिर से काम हो। यह मसला पिछले कई सालों से अटका हुआ है। सीमा पर शांति के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है। दोनों देशों को आतंकवाद से लड़ना होगा। हमें समृद्ध अफगानिस्तान की जरूरत है। मैंने वीजा नीति का भी मुद्दा उठाया है। चीन और भारत के संबंध काफी पुराने हैं। अच्छे रिश्तों के लिए सीमा पर शांति जरूरी हैं। चीन से हमारे रिश्ते काफी अहम हैं।"
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