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लद्दाख में फिर घुसे 35 चीनी सैनिक, सीमा पर 1000 जवान अभी भी हैं आमने-सामने

7 वर्ष पहले
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फोटो: लद्दाख के देमचोक में कुछ दिनों पहले चीनी सेना ने खानाबदोशों की घुसपैठ करा दी थी। उन्होंने यहां पर अपने टेंट लगा दिए और हाथों में बैनर लेकर बताया था कि यह उनका क्षेत्र है। इस हरकत के बाद लद्दाख के आम नागरिक तिरंगा लेकर उनके सामने डट गए थे।
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के सामने भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मुद्दा सख्‍ती से उठाए जाने के बावजूद पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के जवान लद्दाख के चुमार में डेरा जमाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि चीनी सैनिक फिर से भारतीय सीमा में घुस आए हैं और उन्‍होंने एक छोटी पहाड़ी को अपना ठिकाना बना रखा है। घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों की तादाद 35 बताई जा रही है। इससे पहले खबर आई थी कि मोदी और जिनपिंग की दो दिन पहले हुई मुलाकात के दौरान जब घुसपैठ का मुद्दा उठा था, तो चीनी सैनिक वापस चले गए थे।
चीन ने फिर की घुसपैठ
रक्षा सूत्रों ने बताया कि घुसपैठ के मद्देनजर चुमार की जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है। पीएलए के करीब 300 सैनिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलसी) के पास के इलाकों में देखा गया है। इनमें से ज्यादातर को अपनी गाड़ियों में, जबकि कुछ को खड़ा देखा गया है। इससे पहले शुक्रवार को डायरेक्टर जनरल (मिलिट्री ऑपरेशन) यानी डीजीएमओ ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को बताया था कि चीन के सैनिक वापस नहीं लौटे हैं और वे अब भी भारत की सीमा में घुसकर बैठे हुए हैं। उन्‍होंने बताया था कि चीनी सैनिकों की वापसी नहीं हुई थी, बल्कि उन्‍होंने टुकडि़यों की अदला-बदली की थी।
भारतीय सेना भी तैयार
चुमार में चीनी सैनिकों की मौजूदगी के बाद सेना ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों ने बताया कि पीएलए के जवानों की वापसी के बाद अपने अभियान में कमी करने की तैयारियां शुरू कर चुकी सेना ने फिर से संभावित टकराव के मद्देनजर अपने तंबू गाड़ने शुरू कर दिए हैं।
अभी भी है तनाव की स्थिति
सूत्रों ने बताया कि दोनों तरफ के करीब 1000 जवान आमने-सामने डटे हुए हैं और करीब ढाई किलोमीटर के इलाके में उन्‍होंने पांच से छह रणनीतिक ठिकानों पर कब्‍जा जमा रखा है। एक सूत्र ने कहा, "पीएलए के जवानों की रणनीतिक स्थिति काफी कमजोर है और वे ज्‍यादा दिन तक टिक नहीं पाएंगे।"
मोदी ने जिनपिंग को दिया था संदेश
चीनी राष्‍ट्रपति के साथ जब घुसपैठ का मुद्दा उठा था, तो मोदी ने जिनपिंग को सख्‍त संदेश दिया था। तब उन्‍होंने कहा था, "ये छोटी-छोटी घटनाएं बड़े से बड़े संबंधों को प्रभावित कर देती हैं। अगर दांत का दर्द हो तो सारा शरीर काम नहीं करता है।"
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