नई दिल्ली. केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, बीएसपी सुप्रीमो मायावती समेत 6 राजनीतिक दलों के प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन्हें नोटिस भेजकर पूछा है कि पार्टी में आरटीआई कानून लागू किए जाने से जुड़े उसके आदेश का पालन न किए जाने को लेकर उनके खिलाफ क्यों न जांच शुरू की जाए?
बता दें कि 3 जून, 2013 को एक आरटीआई कार्यकर्ता की याचिका पर आयोग ने 6 राष्ट्रीय दलों- कांग्रेस, भाजपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम और बसपा को सार्वजनिक प्राधिकार (पब्लिक अथॉरिटी) घोषित किया था और इस वजह से इन्हें सूचना के अधिकार कानून के दायरे में लाने को कहा था। हालांकि, इनमें से किसी भी दल ने न तो फैसले को कोर्ट में चुनौती दी, और न ही आयोग के निर्देशों का पालन किया।
पहले भी मांगी सफाई
आयोग ने इस साल 7 फरवरी और 25 मार्च को इन पार्टियों को नोटिस भेजकर सफाई मांगी थी। ये नोटिस एक आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर जारी किए गए थे। कोर्ट में शिकायत की गई थी कि राजनीतिक दलों ने केंद्रीय सूचना आयोग के आदेशों का पालन नहीं किया। आयोग ने वर्तमान कदम ऐसे वक्त में उठाया है, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ वक्त पहले उसे निर्देश दिए कि वह सोनिया गांधी के खिलाफ आरटीआई एक्ट का पालन न करने को लेकर की गई शिकायत पर 6 महीने में फैसला करे।