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डाउनलोड करेंहैदराबाद। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि यदि संसद में वर्तमान प्रारूप वाले तेलंगाना विभाजन का बिल पास हुआ तो वह राजनीति से छोड़ देंगे। आज दिन भर विधानसभा में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और तीन बार कार्यवाही रोकनी पड़ी।
आंध्र प्रदेश के विभजान बिल में 10 जिलों को मिलाकर 29 राज्य तेलंगाना का प्रस्ताव विचाराधीन है। इससे मुद्दे पर आंध्र का सियासी पारा गर्माया है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस माह के शुरुआत में प्रस्तावित बिल को आंध्र प्रदेश की विधानसभा को पुनर्विचार के लिए भेजा था। इसे शुक्रवार को वापस भेजा जाना था। लेकिन मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने कहा कि वे बिल पर विस्तृत बहस के लिए चार सप्ताह का समय और चाहते हैं।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने अपनी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर तेलंगाना राज्य के निर्माण के विरोध में दबाव बनाए हुए हैं। वह चाहते हैं कि राज्य का बंटवारे का प्रारूप राज्य के निवार्चित प्रतिनिधियों द्वारा स्वीकार किया जाए।
उन्हें उम्मीद है कि देरी करने से इसे संसद के सत्र में पेश करने से रोका जा सकेगा। संसद का अंतिम सत्र 5 फरवरी से शुरू होने वाला है। इसके बाद लोकसभा चुनाव होने तक आंध्र का विभाजन रुक जाएगा।
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