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लिंगायतों की नाराजगी से कांग्रेस को मिली जीत!

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. भ्रष्टाचार और गवर्नेंस के मोर्चे पर जूझ रही कांग्रेस को कर्नाटक की जीत ने संजीवनी दे दी है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली जैसे अहम राज्यों में चुनावों के ठीक पहले मिली जीत से पार्टी ने एक बार फिर इस मिथक को तोड़ा है कि पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल है। पार्टी की जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह भाजपा का दक्षिण में एकमात्र किला ढहाने में भी सफल हो गई। आम चुनाव के लिहाज से भी 28 लोकसभा सीटों वाले राज्य में मिली जीत को पार्टी काफी अहम मान रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कर्नाटक की जीत पर खुशी जाहिर की है। जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नतीजों से साफ है कि जनता ने भाजपा की विचारधारा को खारिज कर दिया है। उन्होंने जीत का श्रेय राहुल गांधी की मेहनत को भी दिया।

पार्टी के लिए अगली चुनौती एक साफ-सुथरी छवि वाले मुख्यमंत्री का चुनाव है। इस दौड़ में राज्य विधानमंडल दल के नेता सिद्धरमैया, केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े, वीरप्पा मोइली, केएच मुनियप्पा के अलावा कुछ और नाम भी हैं। पार्टी गुरुवार को सूबे में मुख्यमंत्री के चयन के लिए अपने आब्जर्वर भेज सकती है।

कांग्रेस को ऐसे मिली राहत

कांग्रेस केंद्र में भ्रष्टाचार के मोर्चे पर बुरी तरह से घिरी थी। कर्नाटक की जीत के बाद कांग्रेस को यह कहने का मौका मिल गया कि उसके खिलाफ देश में माहौल होने की बात महज कुप्रचार है। जनता कई मुद्दों को जेहन में रखकर चुनाव में मतदान करती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि इसके पहले हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा अपनी सरकार गंवा चुकी है जबकि यही लोग इस बात का डंका पीट रहे हैं कि कांग्रेस के खिलाफ देश में माहौल है। कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश ने कहा कि हमने मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ा जबकि भाजपा नेता हमारे नेताओं पर व्यक्तिगत प्रहार कर रहे थे।पार्टी मोदी बनाम राहुल की कथित लड़ाई में भी मनोवैज्ञानिक बढ़त की स्थिति में है। केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी की लहर आखिर कहां है?

इन वजहों से कांग्रेस को मिली जीत

कर्नाटक में भ्रष्टाचार पर भाजपा घिरी हुई थी। येदियुरप्पा को हटाने से पहले भाजपा काफी फजीहत करा चुकी थी। उनके कई मंत्री जेल गए।

लिंगायत नाराज : येदियुरप्पा लिंगायत नेता हैं। उनको हटाने से लिंगायत नाराज हुए। कांग्रेस ने इस समुदाय को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लिंगायत समुदाय के संत से मिलने गईं। लिंगायत नेता वीरन्ना मट्टिकट्टी को प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया। येदियुरप्पा भाजपा के लिए वोटकटवा साबित हुए। वोकालिग्गा समुदाय के डी शिवकुमार को प्रचार अभियान कमेटी का को चेयरमैन बनाया गया। लिंगायत व वोकालिग्गा निर्णायक भूमिका में हैं। लिंगायत के करीब 40 फीसदी वोट कांग्रेस को मिले हैं। इनके साथ दलित, पिछड़े नेताओं का भी समन्वय बनाकर टिकट वितरण में भी कांग्रेस ने सटीक रणनीति अपनाई थी वह भी सफल रही। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के करीबियों को टिकट दिया।

राहुल थ्योरी : कांग्रेस ने अपने सभी नेताओं को एकजुट रखने में सफलता पाई। राहुल गांधी का स्पष्ट मैसेज था नहीं जीते तो जवाबदेही फिक्स होगी। इसका असर भी पार्टी की रणनीति में दिखा।


कांग्रेस को मिली संजीवनी

-कर्नाटक की जीत से कांग्रेस के निराश कार्यकर्ताओं में आएगी ऊर्जा। - शकील अहमद ने कहा, यह जीत वर्ष 2014 चुनाव के लिए स्पष्ट संदेश है।

-मोदी ब्रांड पर कांग्रेस का वार तेज होगा: कपिल सिब्बल ने कहा, मोदी स्वयं की बनाई हुई संस्था हैं। वे खुद को हीरो कहते हैं लेकिन जनता ने उन्हें जीरो साबित कर दिया है।

आने वाले चुनाव पर होगा असर: कर्नाटक की 28 लोकसभा सीट में से अभी भाजपा के पास 18 और कांग्रेस के पास 7 सीटें। - कांग्रेस प्रवक्ता भक्तचरण दास ने कहा कि यह स्थिति उलट जाएगी। कांग्रेस को लोकसभा में भी बढ़त मिलेगी। मप्र, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के चुनाव में भी इन नतीजों का असर होगा। कार्यकर्ता उत्साहित होंगे।

-राहुल गांधी के नेतृत्व को फायदा : बिहार, यूपी चुनाव में मिली हार से राहुल के नेतृत्व पर उठ रहे सवालों से उबरने का मौका। - प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस जीत का श्रेय राहुल गांधी की मेहनत को जाता है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राहुल गांधी पूरी पार्टी के नेता हैं तो निश्चित रूप से जीत का श्रेय उनको जाता है।

-भ्रष्टाचार के आरोपों पर होगा पलटवार : कांग्रेस एक के बाद एक आरोपों से घिरी है। ताजा जीत ने उसे भाजपा पर भ्रष्टाचार के मोर्चे पर पलटवार का मौका दे दिया। - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने कहा कि भाजपा कर्नाटक में भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इसे शह दे रहा था।

-केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण विधेयक सहित अन्य सुधारों को आगे बढ़ा पाएगी - प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायण सामी ने कहा कि यह हमारी सरकार की नीतियों पर मुहर लगाने वाला जनादेश है। हम अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे।

-विपक्ष अलग-थलग होगा : कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि भाजपा के साथ खड़ा होने का प्रयास कर रहे दलों को सोचना चाहिए कि जनता का फैसला क्या है।