नई दिल्ली. लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के करीब 4 महीने बाद कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व पार्टी को दोबारा से मजबूत करने के लिए एक्शन प्लान का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा है। इसके तहत पार्टी के लिए नया वर्किंग स्टाइल डेवलप किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व ने एक्शन प्लान की औपचारिक घोषणा के लिए अक्टूबर आखिर तक की डेडलाइन तय कर रखी है। दिवाली तक विशेष चिंतन शिविर बुलाए जाने की भी योजना है। बता दें कि 19 अक्टूबर तक हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे भी आ जाएंगे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने संक्षिप्त विदेश दौरे से मंगलवार को स्वदेश लौटेंगे। वह पार्टी के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में 20 सितंबर से विचार-विमर्श शुरू करेंगे। राहुल गांधी पार्टी में एकता की जरूरत पर भी बातचीत करेंगे। इसके अलावा, पार्टी की हार की वजह तलाशने के लिए कांग्रेसी नेता ए के एंटनी के नेतृत्व में बने पैनल की रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। सूत्रों ने कहा कि
राहुल पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मिलकर नए एक्शन प्लान बनाने की दिशा में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। इस काम में कुछ सीनियर कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की मदद करेंगे।
बता दें कि बीते साल दिसंबर में दिल्ली, एमपी और छत्तीसगढ़ में मिली हार के बाद राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर पार्टी की कार्यप्रणाली में बदलाव की बात कही थी। राहुल ने तब कहा था, ''कांग्रेस में लोगों के उम्मीदों के मुताबिक काम करने की काबिलियत है। मैं पार्टी में संगठनात्मक बदलाव के लिए पूरा जोर लगाऊंगा। मैं सुनिश्चित करूंगा कि बदलाव आए। हम पार्टी के लोगों को इस प्रक्रिया में इस तरीके से शामिल करेंगे, जिसकी अभी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।''
बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राहुल के प्रयोगों की पार्टी के अंदर ही काफी आलोचना हुई थी।