मिस्त्री ने एक मीडिया घराने के कार्यक्रम में कहा, 'हमलावार या तो मोदी को या आडवाणी या किसी और को मारने के लिए आए थे। पुलिस को इस बात की तुरंत सूचना मिल गई थी कि हमलावर लश्कर-ए-तैयबा या इसके जैसे ही किसी आतंकवादी संगठन के थे। तत्कालीन गृहमंत्री ने कहा था कि देश के उत्तर में मौजूद राज्य से आतंकी यहां आए और उन्होंने अक्षरधाम पर हमला कर दिया। हालांकि मुझे इसके बारे में अभी तक संदेह है कि अक्षरधाम हमले के बारे में सच्चाई कभी भी सामने आ पाएगी।'
बोले मिस्त्री- मोदी को अच्छे से होगी जानकारी
अक्षरधाम हमले के बारे में मिस्त्री ने कहा कि यह हमला मुख्यमंत्री निवास से मात्र 100 गज की दूरी पर हुआ था। मिस्त्री ने कहा वे लोग, जो मुख्यमंत्री को मारने आए थे, पुलिस चाहती तो उन्हें पकड़ सकती थी। उनके हमला करने से पहले ही वे मारे गए थे। जब मिस्त्री से धमाकों पर मोदी की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे संदेह है और इस बारे में मोदी को अच्छे से पता होना चाहिए।
अहमदाबाद ब्लास्ट के बारे में भी जताया मोदी पर संदेह
वहीं जुलाई 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बारे में भी मिस्त्री ने मोदी पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मुझे शक है कि इन धमाकों के बारे में भी मोदी को पहले से जानकारी थी। वहीं इस धमाके में मिस्त्री ने पुलिस पर भी आरोप लगाया और कहा कि पुलिस के पास अहमदाबाद धमाकों की सूचना थी।
अक्षरधाम हमला
गुजरात के गांधीनगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर में 24 सितंबर 2002 को दो आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 30 लोग मारे गए थे और 80 से ज्यादा घायल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर मारे गए थे।
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में एक के बाद एक 21 ब्लास्ट हुए थे। इस हमले में 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा घायल हुए थे। इस हमले में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हाथ बताया गया था।