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वाड्रा के साथ अटल-मनमोहन के दामादों को भी देना होगा विदेश यात्रा का ब्योरा

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटोः राबर्ट वाड्रा-प्रियंका गांधी)

नई दिल्ली. देश के टॉप वीवीआईपीज को अब अपनी विदेश यात्राओं की जानकारी सरकार को देनी होगी। इनमें तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों के दामाद भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने इन वीवीआईपीज से जो जानकारी मांगी है, उसमें वीवीआईपी कब और कहां जा रहे हैं, कितने दिन रहेंगे, किससे मिलेंगे, क्यों जा रहे हैं और क्या यात्रा व्यावसायिक है, निजी या सरकारी, आदि शामिल है।

इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी को चिट्ठी लिखी है। इनके दामादों के साथ पूर्व पीएम एच डी देवगौड़ा को भी अपनी विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा बताना होगा। इन वीवीआईपीज को अपनी विदेश यात्रा की पूर्व सूचना सरकार को देनी होगी। इन्हें बताना होगा कि वे विदेश किसी के बुलावे पर जा रहे हैं या निजी यात्रा पर। अगर बुलावे पर जा रहे हैं, तो उन्हें बताना होगा कि किसने बुलाया और कहां रहेंगे।
इन्हें भेजी गई चिट्ठी-
दिल्ली पुलिस ने यह चिट्ठी प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और उनकी सास मॉरीन वाड्रा के अलावा अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य, पोती निहारिका और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के दामाद आईपीएस अशोक पटनायक और उनके बेटे रोहन पटनायक, प्रोफेसर विजय तनखा और उनके दो बेटों माधव और राधव तनखा को भी भेजी है। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इन दस वीवीआईपीज को दिल्ली पुलिस ने पत्र और प्रोफार्मा दोनों भेज दिया है।

पहली बार मांगी गई ऐसी जानकारी-
यह पहली बार हुआ है जब देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिजनों से उनकी विदेश यात्राओं के बारे में जानकारी मांगी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विदेशों में वीवीआईपीज की सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया जा रहा है। बता दें कि सुरक्षा की ये कवायद साल 2002 से ही लागू करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन इस साल इसे अमली जामा पहनाया गया है। सूत्रोंं का कहना है कि वीवीआईपी अपने जाने की सूचना नहीं देते। इस वजह से कभी भी सुरक्षा संकंट खड़ा हो सकता है।

पंद्रह दिन से ज्यादा हुए, तो खर्च आपका अपना-
जिन 10 वीवीआईपीज से उनकी विदेश यात्राओं की जानकारी मांगी गई है, उनकी विदेश यात्रा की सूचना पर वहां की सरकार से इनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने को कहा जाएगा, लेकिन अगर यात्रा व्यक्तिगत और पंद्रह दिनों से ज्यादा होगी, तो सुरक्षा का पूरा खर्च बुलाने वाली संस्था या वीआईपी को स्वयं उठाना होगा। देश के दूसरे राज्यों की पुलिस को भी वीवीआईपीज विदेश यात्रा संबंधी जानकारी मुहैया कराने को कहा गया है, लेकिन उसे अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है।
आगे देखें तस्वीरें, अटल और मनमोहन के दामादों को भी देनी होगी जानकारी...