नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह मानते हैं कि उनकी पार्टी को धर्म निरपेक्षता को लेकर अपना नजरिया बदलने की जरूरत है, ताकि उसकी 'नकारात्मक छवि' बदल सके। दिग्विजय इस छवि को कांग्रेस के राजनीतिक पतन का कारण मानते हैं। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी जिस तरीके से हिंदू कट्टरपन का विरोध करती है, ठीक उसी तरह उसे मुस्लिम कट्टरवादियों पर भी हमला बोलना चाहिए। सिंह के मुताबिक, ऐसा न होने की वजह से भगवा पार्टियों को राजनीतिक जमीन मिली और कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक हार हुई।
दिग्विजय ने कहा, "हम मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ उस मजबूती से नहीं बोलते, जितनी जरूरत है। हमें हिंदू और मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ एक जैसे बर्ताव करना होगा।" सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस की तरफ से हिंदू कट्टरपंथियों के खिलाफ लगातार चिंता जताए जाने से आरएसएस को उनकी पार्टी पर 'तुष्टिकरण' नीति पर चलने के आरोप लगाने का मौका मिला। दिग्विजय बोले, ''हमें धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा पर दोबारा से विचार करना होगा। इसे आरएसएस और दूसरे संगठनों ने बुरी तरह दूषित कर दिया है। अब इसे मुस्लिम तुष्टिकरण से जोड़ दिया गया है, जबकि ऐसा नहीं है।''