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  • कैब सर्विस पर प्रतिबंध लगाना हल नहीं, नियमों का कड़ाई से पालन जरूरीः गडकरी

कैब रेपः गडकरी बोले, बस में रेप हो तो क्या बस सेवा बंद कर दें

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटोः नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री)
नई दिल्ली. दिल्ली में उबर की टैक्सी में हुए रेपकांड के बाद मचे सियासी बवाल के बीच सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा है कि कैब सेवा पर प्रतिबंध लगाना समस्या का हल नहीं है। बल्कि इसकी बजाय नियमों को सुधार कर इनको कड़ाई से लागू करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि 'अगर रेप बस या ट्रेन में हो जाए, तो क्या बस और ट्रेन सेवा बंद कर देनी चाहिए। लोगों को इससे होने वाली असुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।'
नए सिस्टम की जरूरत
गडकरी ने कहा, जरूरत इस बात की है कि नियमों को बेहतर बनाकर इसे पूरी सख्ती से अमल में लाया जाए। उन्होंने कहा, 'दिक्कत इस बात की है जिस तंत्र ने ड्राइवर को लाइसेंस दिया उसमें कमी है। एक नए डिजिटलाइज तंत्र की जरुरत है जिसमें प्रत्येक के ट्रैक रिकार्ड का अध्ययन किया जा सके।'
बता दें उबर कैब बलात्कार कांड के बाद दिल्ली सरकार ने इस टैक्सी सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया है।दिल्ली सरकार ने उबर के अलावा ओला और टैक्सी फार स्योर पर भी मौजूदा परिवहन नियमों का पालन नहीं करने पर रोक लगा दी है।
राजनाथ बैन लगाने के पक्ष में
गृहमंत्री राजनाथ सिंह की राय गडकरी से अलग दिख रही है। वे ऐसी सेवाओं पर बैन लगाने के पक्ष में हैं। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों को चिट्‌ठी लिखकर सलाह दी है कि ऐसी सभी वैब आधारित कैब सेवाओं को बंद कर दिया जाए जिनके पास परिचालन का लाइसेंस नहीं है। उधर, मंगलवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृहमंत्री राजनाथ से मिलकर ताजा हालात की जानकारी दी।
राज्यसभा में भी गूंजा रेप मामला
इधर, विपक्षी दल के सदस्यों ने पिछले दिनों दिल्ली में एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने का मामला मंगलवार को राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठाया और दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। लंच के पहले कांग्रेस की रमनी पाटिल ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है इसलिए दोषी लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेश में महिलाओं के साथ इस प्रकार के अपराध करने वाले लोगों के नाम वेबसाइट पर डाल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में निर्भया हत्याकांड के बाद एक वेबसाइट बनाई गई थी, उसका क्या हुआ किसी को पता नहीं।