दिल्ली, यूपी, बिहार, मप्र समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके / दिल्ली, यूपी, बिहार, मप्र समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके

जानमाल के नुकसान की अब तक कोई खबर नहीं

dainikbhaskar.com

Apr 25, 2015, 11:52 AM IST
earthquake in many parts of country
नई दिल्ली. शनिवार को नेपाल, भारत, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश में आए भूकंप में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, काफी लोग घायल भी हुए हैं। कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं। सबसे ज्‍यादा नुकसान नेपाल में हुआ है। यहां आठ भारतीयों समेत 2300 से भी ज्‍यादा मौतें हुई हैं। बाकी मौतें भारत में हुई हैं। रविवार अल सुबह एक बार फिर नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 बताई गई है। इसका केंद्र लैमजंग बताया गया। भूकंप के ये झटके रात करीब 3 बजे महसूस किए गए। अल सुहब एक बार फिर करीब 4.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। इसका केंद्र पनोती बताया गया।
लोगों ने खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
शनिवार दिन में आई भीषण तबाही के बाद नेपाल के लोगों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी।
नेपाल में नौ मंजिला धारहारा टावर, दरबार स्क्वेयर तबाह हो चुके हैं। जानकी मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप के दौरान नेपाल में फंसे 55 भारतीयों को लेकर एक विमान देर रात भारत पहुंचा। करीब 3 लाख विदेशी सैलानियों के अब भी वहां फंसे होने की संभावना है। इनमें कई भारतीय भी हैं। बताया जा रहा है कि दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए काठमांडू गए फिल्म निर्देशक कुनाल देशमुख भी भूकंप आने के बाद से लापता हैं।
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने नेपाल में गुमशुदा लोगों से जुड़ी जानकारी के लिए ये हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं 011-26701728, 011-26701729, 09868891801
काठमांडू स्थित भारतीय एंबेसी का हेल्पलाइन नंबर है +9779851107021, +9779851135141
गूगल ने भी पर्सन फाइंडर लॉन्च किया है। (यहां क्लिक करें)
भूकंप का असर (VIDEO)
>​नेपाल में भूकंप से मरने वालों की तादाद 1500 पहुंची।
>​ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का एलान- 250 भारतीयों को वायुसेना नेपाल से वापस लाएगी।
>​एक टीवी रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में 3 लाख विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं।
>​बीएसएनएल नेटवर्क से नेपाल को अगले तीन दिन तक किए गए कॉल पर लोकल चार्ज लगेगा।
> धारहारा टावर से 180 शव निकाले गए। तबाह हो चुकी है यह ऐतिहासिक मीनार।
> पीएम मोदी ने दी नेपाल में आए भूकंप पर प्रतिक्रिया। कहा-नेपाल की पीड़ा भारत की पीड़ा।
> भारतीय राहतकर्मियों की एक टीम नेपाल पहुंची। टीम में सर्च डॉग भी शामिल।
>एवरेस्ट बेस कैंप से 18 शव निकाले गए। यहां कैंप करने गई इंडियन आर्मी की टीम ने 13 शवों को निकाला।
> नेपाल में आए भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 758 पहुंचा।
> काठमांडू में भारतीय दूतावास में मकान गिरा, दूतावास के कर्मचारी की बेटी की मौत ।
> भारत के 125 लोग नेपाल में फंसे। अधिकतर तेलंगाना और महाराष्ट्र के लोग।
> एवरेस्ट के बेस कैंप में हिमस्खलन की वजह से 8 की मौत की खबर।
> राजनाथ सिंह ने नेपाल की पूरी मदद करने का भरोसा दिया, पीएम के घर बैठक खत्म।
> नेपाल की मदद के लिए भारत के हिंडन एयरबेस से प्लेन रवाना।
> नेपाल में अभी तक भूकंप के कुल 17 झटके।
>काठमांडू में योग शिविर के लिए मौजूद बाबा रामदेव खुद भूकंप से बाल-बाल बचे। बाबा ने कहा, मैंने पहली बार इस तरह की तबाही का मंजर देखा।
> भारतीय सेना की एक टुकड़ी सुरक्षित, कचरा हटाने के मकसद से एवरेस्ट के इलाके में गई थी।
>काठमांडू के अस्पताल भरे। सड़कों पर किया जा रहा लोगों का इलाज।
>काठमांडू स्थित मशहूर 9 मंजिला धारहारा मीनार गिर गई। इस मीनार को नेपाल का कुतुबमीनार कहते हैं। यहां चढ़ कर नेपाल का व्‍यू देखने के लिए 160 लोगों ने टिकट लिए थे।
>काठमांडू में यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया दरबार स्क्वेयर पूरी तरह तबाह हो चुका है।
>जनकपुर में जानकी मंदिर भी तबाह हो चुका है। इसे सीता का जन्मस्थल माना जाता है।
>एवरेस्ट के इलाके में हिमस्खलन की खबर है। दो बेस कैंप के पूरी तरह तबाह होने के साथ ही कुछ पर्वतारोही भी लापता हैं।
>नेपाल में कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं। सड़कें भी टूट गई हैं।
> भारत से एनडीआरएफ की टीम भेजी जाएगी।
> नेपाल का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद। सभी विमान भारत की ओर डायवर्ट किए गए।
कब और कहां आया भूकंप
दिल्ली समेत भारत के कई शहरों और पड़ोसी पाकिस्‍तान, नेपाल, बांग्‍लादेश में शनिवार सुबह भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। पहला 11.41 बजे और दूसरा 12:19 बजे। भूकंप का केंद्र नेपाल में काठमांडू से 77 किमी दूर उत्‍तर-पश्चिम में पोखरा में था। वहां भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। पोखरा, काठमांडू, भरतपुर, भुटवल, लुंबिनी, तिलोत्तमा, लुंबनी, भैरवा, लामजुम में झटके महसूस किए गए। नेपाल में आज छुट्टी का दिन था। इस कारण कई इलाकों में काफी भीड़ थी। इस वजह से जान का नुकसान ज्यादा हुआ है।
81 साल बाद नेपाल में आया ऐसा भूकंप
हिमालय की गोद में समाया पूरा नेपाल भूकंप के फॉल्ट जोन में है। नेपाल के बीच में से महेंद्र हाईवे फॉल्ट लाइन गुजरती है। यह तराई इलाकों और पहाड़ी इलाकों को क्रॉस करती है। यहां 1934 में सबसे ताकतवर भूकंप आया था। उसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 8.4 थी। इसी फॉल्ट लाइन के कारण शिलॉन्ग में भी 1897 में 8.5 तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है। यह फॉल्ट लाइन उत्तराखंड से आगे दिल्ली तक जाती है। यही वजह है कि नेपाल में भूकंप का केंद्र होने के बाद भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर भारत में भी झटके महसूस किए गए।
रिक्‍टर स्‍केल को ऐसे समझें
रिक्टर स्केल असर
0 से 1.9 सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9 हल्का कंपन।
3 से 3.9 कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर।
4 से 4.9 खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9 फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9 इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9 इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9 इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
9 और उससे ज्यादा पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।
* भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : क्यों आता है भूकंप? और देखें नेपाल और भारत में भूकंप से जुड़ी फोटोज़। इन्हें सोशल साइट पर लोगों ने शेयर की हैं।
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