(फाइल फोटोः शंकर बरुआ)
गुवाहाटी. असम के पूर्व डीजीपी शंकर बरुआ ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी .32 लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारी थी। घटना के वक्त घर में सिर्फ बरुआ की 90 वर्षीय मां मौजूद थी। बरुआ से हाल ही में शारदा चिटफंड घोटाले के संबंध में सीबीआई ने पूछताछ की थी। पुलिस को संदेह है कि घोटाले में नाम आने के चलते ही बरुआ ने आत्महत्या की है।
सीनियर सिटी एसपी एपी तिवारी ने बरुआ की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार सुबह बरुआ का शव उनके घर से मिला। वे बुधवार सुबह ही चार दिन अस्पताल रहने के बाद घर लौटे थे। वहीं परिजनों का कहना है कि 'बरुआ सीबीआई द्वारा किए गए अपमान से आहत थे, जिसे वह सहन नहीं कर पा रहे थे।'
बता दें कि बरुआ का घर पश्चिम बंगाल और असम के उन 20 ठिकानों में से एक था, जहां सीबीआई ने छापा मारा था। असम के दो पूर्व मंत्रियों के घरों में भी तलाशी ली गई थी। वहीं सीबीआई अफसर बरुआ को उनके घर के पास स्थित एसबीआई ब्रांच से ले गए थे और उनके बैंक खातों की जांच भी की थी। उल्लेखनीय है कि शारदा चिटफंड घोटाले में अब तक सीबीआई ने 48 केस रजिस्टर्ड किए हैं, जिनमें 4 पं. बंगाल में और 44 ओडिशा में हैं।