आवंटित हुई रकम का 80 फीसदी हुआ खर्च
लड़ाई में सेना को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उसे नए सामान की खरीदी और अन्य खर्चे के लिए 86740.71 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। बताया जाता है कि इस रकम का 80 फीसदी से ज्यादा खर्च हो चुका है। वहीं अभी कई नए उपकरणों को खरीदा जाना बाकी है। पैसे की कमी को देखते हुए सेना में कॉस्ट कटिंग की भी बात सामने आई है। इस बारे में एक अधिकारी का कहना है कि सेना के लिए हथियारों की खरीदी के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
वायु सेना ने किया पूरा पैसा खर्च
वायु सेना ने अपने लिए आवंटित हुआ पूरा पैसा खर्च कर लिया है। वहीं वायु सेना की अभी कई योजनाएं अधर में हैं, जिन्हें पूरा किया जाना बाकी है। इसके लिए वायु सेना को पैसे की जरूरत है। रक्षा मंत्रालय का इस साल 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट था। रक्षा मंत्रालय ने जब कुछ और पैसे के लिए वित्त मंत्रालय के समक्ष अपनी बात रखी, तो इसे नकार दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा था- हिसाब से करना खर्च
कुछ समय पहले सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने सेना के अधिकरियों को पैसे को हिसाब से खर्च करने की सलाह दी थी।
इस साल किस सेना को कितना पैसा मिला था
थल सेना: 13327.04 करोड़ रुपए
वायु सेना: 37048.06 करोड़ रुपए
नौ सेना: 23478 करोड़ रुपए
इन हथियारों की खरीदी पर पड़ेगा असर
126 फ्रेंच राफेल फाइटर प्लेन
6 पनडुब्बी
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