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गोवाः कल इस्तीफा देंगे मनोहर पर्रिकर, यूपी से जाएंगे राज्यसभा बनेंगे केंद्र में मंत्री

7 वर्ष पहले
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फोटोः पणजी में विधायकों की बैठक के बाद मनोहर पर्रिकर।
पणजी/नई दिल्ली. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को केंद्र में लाए जाने की खबर के साथ ही राज्य की बीजेपी इकाई में सीएम पद को लेकर होड़ और खेमेबाजी शुरू हो गई है। गोवा के उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा ने कहा है कि उन्हें सीएम नहीं बनाया गया तो वह इस्तीफा दे देंगे। बताया जा रहा है कि डिसूजा के साथ छह विधायक हैं। पर्रिकर को केंद्र में मंत्री बनाया जा रहा है। इस वजह से गोवा में मुख्यमंत्री का पद खाली हो रहा है। मुख्यमंत्री पद के लिए दो नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जो संघ के करीबी माने जाते हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांत परसेकर और विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र अर्लेकर। इनमें से किसी को पर्रिकर का उत्तराधिकारी बनाया जा सकता है। यह बात फ्रांसिस डिसूजा को नागवार गुजरी है। उन्होंने इस बात पर विरोध जताया है कि उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज किया जा रहा है। डिसूजा ने कहा, "अगर मुझसे जूनियर को सीएम बनाया गया तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।" मनोहर पर्रिकर शनिवार को इस्तीफा देंगे। उन्होंने बताया कि कल दोपहर को विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री का चुनाव हो सकता है।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर शनिवार को इस्तीफा देंगे। संभावना है कि उन्हें रक्षा मंत्रालय मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, पर्रिकर यूपी से राज्यसभा जाएंगे और 10 नवंबर को नामांकन दाखिल करेंगे। पर्रिकर ने आज पणजी में विधायकों की बैठक लेने के बाद कहा कि वे शनिवार को इस्तीफा देंगे और उसके बाद सभी विधायक अपना नया सीएम चुनेंगे। बता दें कि 9 नवंबर यानी रविवार को 46 मंत्रियों वाले मौजूदा मोदी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार होना है, जिसमें पर्रिकर के अलावा 5 से 10 मंत्री शपथ ले सकते हैं।

पर्रिकर ने पहले खुद के केंद्र में मंत्री बनाए जाने की खबरों को महज अटकलें बताया था, लेकिन गुरुवार को खुद उन्होंने इसकी पुष्टि की। पर्रिकर ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें कहा है कि प्रधानमंत्री आपको जो भी जिम्मेदारी दें, उसे स्वीकार कर लीजिएगा। पर्रिकर ने कहा, "अगर पीएम का आदेश आएगा तो मैं उसका पालन करूंगा। पार्टी ने हरी झंडी दे दी है।"
रक्षामंत्री या टेलिकॉम मंत्री बन सकते हैं पर्रिकर
हालांकि, यह भी संभावना है कि अगर मोदी जेटली को ही रक्षा मंत्रालय में बनाए रखना चाहते हैं तो पर्रिकर को टेलिकॉम की जिम्मेदारी दी जा सकती है। रविशंकर प्रसाद कानून मंत्रालय के साथ टेलिकॉम की भी जिम्मेदारी देख रहे हैं। जेटली और रविशंकर प्रसाद के अलावा, नितिन गडकरी और वेंकैया नायडू भी दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

गोवा में आर्लेकर बन सकते हैं मुख्यमंत्री
गोवा विधानसभा के अध्यक्ष राजेंद्र आर्लेकर का नाम राज्य के अगले मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे है। आर्लेकर के अलावा, राज्य के उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा और स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर भी सीएम पद की दौड़ में है। हालांकि, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाईक का नाम भी दावेदारों में लिया जा रहा था।
इनके नाम भी चर्चा में-
गिरिराज सिंहः बिहार के नवादा से सांसद गिरिराज सिंह का नाम भी चर्चा में है। गिरिराज सिंह चुनाव प्रचार के दौरान मोदी विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की बात कहकर विवाद में आ गए थे।
जगदीश प्रभु: पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश प्रभु वाजपेयी सरकार में शिवसेना की ओर से सरकार के लिए नॉमिनेट किए गए थे। उनके पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय में किए गए काम को काफी सराहा जाता है।
बीरेंद्र सिंह: कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हरियाणा के जाट नेता बीरेंद्र सिंह बड़े जाट नेता रहे सर छोटू राम के बेटे हैं। उनको कैबिनेट में शामिल करना जाट वोट बैंक की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में जाट वोट के महत्व के नजरिए से भी इस फैसले को देखा जा रहा है।

जे पी नड्‌डा: बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी हैं जगत प्रकाश नड्‌डा। माना जा रहा है कि नड्डा के नाम पर पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, दोनों की रजामंदी है। बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी के तौर पर वह शाह के हर बड़े फैसलों में भूमिका निभा चुके हैं।

हंसराज अहीर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर से एमपी हैं हंसराज अहीर। बेहद लो प्रोफाइल रहकर काम करने वाले अहीर का नाम कोलगेट घोटाले को प्रभावी ढंग से उजागर करने वालों में आता है।

जयंत सिन्हा: हजारीबाग से एमपी व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। जयंत सिन्हा हार्वर्ड से एमबीए कर चुके हैं और वित्त या वाणिज्य मंत्रालय के लिए प्रभावशाली दावेदार हैं।
इसके अलावा भाजपा के राजीव प्रताप रूडी, मुख्तार अब्बास नकवी, एसएस अहलूवालिया, सोनाराम के नाम भी चर्चा में हैं।
रविवार को ही क्यों शपथ ग्रहण
दरअसल, संसद का शीतकालीन सत्र 24 नवंबर से शुरू होगा। प्रधानमंत्री इससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री को सात-आठ नवंबर को वाराणसी के बाद 11 नवंबर को आसियान समिट के लिए म्यांमार जाएंगे। संसद सत्र के बीच भी वे विदेश दौरे पर रहेंगे, इसीलिए रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना ज्यादा है।

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