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GOOD NEWS : हर स्लीपर कोच में छह बर्थ सिर्फ महिलाओं के लिए

9 वर्ष पहले
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भारत में इंटरनेट की रफ्तार भले ही सीमित हो, लेकिन विमानन कंपनियां आपको तेज रफ्तार से यात्रा करवाने के लिए कमर कस चुकी हैं। इसके लिए वे काफी लुभावनी स्‍कीम लेकर आई हैं
उधर, रेलवे भी सफर को आरामदायक (खास कर महिलाओं के लिए) बनाने की पहल कर रहा है। ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के चलते आज भले ही रेल के मुसाफिर मुसीबतों का सामना कर रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में महिला यात्रियों को रेल का सफर सुविधाजनक लगेगा। अब हर ट्रेन के स्लीपर कोच में छह बर्थ सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। रेलवे बोर्ड के स्तर से इसके लिए सभी मंडल रेल कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें अधिकारियों को जल्द यह सुविधा शुरू करने को कहा गया है। ये बर्थ अकेले सफर करने वाली महिला या महिलाओं के समूह को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी। स्लीपर, एसी-3 और एसी-2 श्रेणी के रिजर्वेशन में हर कोच में दो लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाओं और अकेले सफर करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए चिह्नित रखी जाएंगी।
जनरल कोच में भी सीटें होंगी चिह्नित : जनरल कोच में भी महिलाओं के सीटें चिह्नित होंगी। पुरुष यात्री तभी बैठ सकेंगे जब महिलाएं इन पर न बैठें।
यह सुविधा तो जब लागू होगी, तब होगी, लेकिन फिलहाल भारत-ऑस्‍ट्रेलिया सीरीज को लेकर माहौल बनने लगा है। इसमें कंगारुओं को पीटने के लिए क्‍या स्‍ट्रैटजी बने, इस पर माथापच्‍ची चल रही है।
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