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  • सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के एक मुस्लिम कर्मचारी की याचिका पर दी व्यवस्था

दूसरी शादी में पाबंदी से धार्मिक आजादी में खलल नहीं- सुप्रीम कोर्ट

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दूसरी शादी पर पाबंदी से धार्मिक आजादी का संवैधानिक प्रावधान प्रभावित नहीं होता। कोई सरकारी कर्मचारी दूसरी शादी पर पाबंदी को चुनौती देने के लिए धार्मिक आजादी संबंधी संविधान के अनुच्छेद-25 की आड़ नहीं ले सकता।
जस्टिस टीएस ठाकुर और आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने सोमवार को यह व्यवस्था दी। कहा कि पहली शादी के अस्तित्व में रहते दूसरी शादी के लिए अनुमति लेने की अनिवार्यता का उत्तर प्रदेश सरकार का नियम गलत नहीं है। यह धार्मिक आजादी संबंधी संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहीं करता।
बेंच ने सिंचाई विभाग के एक मुस्लिम कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी। उसे पहली शादी के कायम रहते हुए बिना अनुमति के दूसरी शादी करने पर बर्खास्त किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी को सही ठहराया है। शीर्ष कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा है।