नई दिल्ली. हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र ने नेशनल हेल्थ एश्योरेंस मिशन (एनएचएएम) के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का खाका तैयार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इससे संबंधित प्रस्ताव सरकार की एम्पावर्ड फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) और अन्य मंत्रालयों को भेज दिया गया है। ईएफसी की बैठक में अन्य मंत्रालयों से मिले सुझावों पर विचार के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘एनएचएएम हर नागरिक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। चार साल तक इस योजना को लागू करने के लिए करीब 1.20 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी। इसके बिना नए मिशन को व्यापक स्तर पर लागू करने में मुश्किलें पेश आ सकती हैं।’
अप्रैल 2015 से लागू
इस मिशन के तहत पहले साल थोड़ा कम पैसा ही खर्च होगा। लेकिन 2016-2019 के बीच प्रस्तावित रकम बराबर खर्च करने की जरूरत होगी। मिशन के लागू होने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र पर हर साल खर्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो फीसदी तक बढ़ जाने की उम्मीद है। फिलहाल इस क्षेत्र पर जीडीपी के 1.10 से 1.30 फीसदी के बीच खर्च हो पाता है।