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आज लाल ग्रह की कक्षा में दाखिल होगा भारतीय मंगलयान, शाम तक मिलेगी पहली तस्‍वीर

7 वर्ष पहले
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नई दिल्‍ली: इंडियन स्‍पेस रिसर्च आॅर्गनाइजेशन (इसरो) के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक बना गया। इसके द्वारा भेजा गया यान 65 करोड़ किमी का सफर करके मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित हो गया। भारत पहली ही कोशिश में ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। अमेरिका भी छह नाकाम कोशिशों के बाद यह सफलता हासिल कर पाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को क्रिकेट में जीत से हजार गुना बड़ी बताया है, जबकि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि पीएम को यूपीए को भी इसका श्रेय देना चाहिए।
क्‍या है महत्‍व
इस मंगलयान की मदद से इसरो के वैज्ञानिक मंगल के वातावरण का अध्‍ययन कर सकेंगे। भविष्‍य में मंगल ग्रह पर भेजे जाने वाले मान‍व मिशन के लिए यह बेहद जरूरी है। मंगलयान की मदद से ग्रह की सतह और वहां मौजूद मिनरल्‍स का अध्‍ययन भी किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रह पर पानी और मीथेन की मौजूूदगी की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। पानी और मीथेन जीवन की संभावना स्‍थापित करने के लिए जरूरी है। बता दें कि मार्स ऑर्बिटर मिशन या मंगलयान को 1 दिसंबर को सतीश धवन स्‍पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया था।
पीएम मोदी भी बने गवाह (पढें, उनका भाषण)
इस ऐतिहासिक क्षण पर पीएम नरेंद्र मोदी बेंगलुरु के मार्स मिशन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में मौजूद रहे। मिशन सफल होते ही पीएम ने सभी वैज्ञानिकों और देशवासियों को बधाई दी
ऐसे हुआ मंगल फतह
मंगल की कक्षा में प्रवेश से पहले मंगलयान की गति कम कर दी गई थी। इसके साथ ही मंगलयान का रास्ता भी थोड़ा बदला गया। मंगल ग्रह की कक्षा में दाखिल होने से तीन घंटे पहले इसरो का यान कई अहम प्रक्रियाओं से गुजरा। इन प्रक्र‍ियाओं को पूरा करने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने सारे कमांड 14 और 15 सितंबर को ही कम्‍प्‍यूटर में अपलोड कर दिए थे।
जानें, क्‍या हैं वह प्रक्रियाएं और कितने बजे क्‍या हुआ
4:17:32
यान में लगा शक्‍त‍िशाली कम्‍युनिकेशन एंटीना शुरू हुआ।
6:56:32
स्‍पेसक्राफ्ट में फॉरवर्ड रोटेशन शुरू हुआ।
7:12:19
स्‍पेसक्राफ्ट ने मंगल ग्रह की छाया में प्रवेश किया।
7:14: 32
यान में ऊंचाई को कंट्रोल करने के लिए थ्रस्‍टर्स फायर किए गए।
7:17:32
मुख्य इंजन चालू हुआ।
7:21:50
मंगल ग्रह के बीच में आने की वजह से स्‍पेसक्राफ्ट दिखना बंद हो गया। साथ में यान से सिग्‍नल मिलने भी बंद।
7:22:32
यान का कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम पूरी तरह बंद।
7:30:02
इंजन के चालू होने की पुष्टि हुई।
7:37:01
मंगल ग्रह की छाया से बाहर निकला यान।
7:41:46
इंजन बंद हुआ। (करीब 249.5 किलो फ्यूल जलने के बाद)
7:45:10
सभी प्रक्रियाएं पूरी।
7:47:46
यान से दोबारा संपर्क कायम हुआ।
आगे की स्‍लाइड में देखें, मंगल मिशन से जुड़ा वीडियो, साथ में पढ़ें, मिशन से जुड़ी अहम बातें...