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भारत-चीनः जानिए दोस्ती से कैसे बदल सकता है दोनों देशों का भविष्य

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 17 सितंबर बुधवार को भारत रहे हैं। इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जाता है कि यदि भारत और चीन परस्पर विरोधी होकर सहयोगी की तरह काम करें तो इसका फायदा दोनों देशों को ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया को होगा।

संबंधों के आंकड़े
- 12.2% रक्षा खर्च चीन ने इस वर्ष बढ़ाया है। चीन रक्षा नीतियों में अमेरिका और भारत का ध्यान रखता है, जबकि भारत चीन पाकिस्तान को ध्यान में रखता है।
- 3.95 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है चीन का। भारत में यह आंकड़ा 317 अरब डॉलर है। अपनी मुद्रा में व्यापार करने से यह भंडार बढ़ेगा, जिसे अन्य जगह निवेश किया जा सकता है।
- 5 स्थाई सदस्य देश हैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन शामिल हैं। भारत भी स्थाई सदस्यता का दावा लंबे समय से कर रहा है।
- 41 करोड़ डॉलर का चीन ने निवेश किया है भारत में अप्रैल 2000 से लेकर जून 2014 तक, लेकिन अब चीन अगले पांच सालों में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने की तैयारी में है।
एक्सपर्टः डॉ रहीस सिंह, विदेशी मामलों के जानकार

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