तिरुअनंतपुरम. भारत में गोल्ड लोन देने वाली तीन कंपनियों के पास 200 टन से ज्यादा सोने के आभूषण हैं। यह सोना सिंगापुर, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड रिजर्व से कहीं अधिक है। यह कंपनियां केरल की मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस और मुथूट फिनकॉर्प हैं।
इस सोने की मात्रा को वैश्विक आधार पर देखें तो सिंगापुर का गोल्ड रिजर्व 127 टन, स्वीडन का 126 टन, दक्षिण अफ्रीका का 125 टन, मैक्सिको का 123 टन और ऑस्ट्रेलिया का 79.9 टन है। गोल्ड लोन देने वाली केरल के सबसे बड़ी कंपनी मुथूट फाइनेंस के पास ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और कुवैत से भी ज्यादा सोना है।
दुनिया में भारत का 11वां स्थान : वर्ल्ड रिजर्व काउंसिल के मुताबिक, दुनिया में गोल्ड रिजर्व के मामले में भारत का 11वां स्थान है। भारत का कुल गोल्ड रिजर्व 558 टन है। अमेरिका इस मामले में 8133 टन सोने के साथ पहले स्थान पर है। वहीं जर्मनी 3,384 सोने के साथ गोल्ड रिजर्व के मामले में दूसरे स्थान पर है। दुनियाभर में सोना की मांग के मामले में तीस फीसदी हिस्सा भारत का है। भारत में सोने को आर्थिक सुरक्षा के तौर भी देखा जाता है। केरल में करीब दो लाख लोग गोल्ड इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं।
116 टन- मुथूट फाइनेंस
40 टन- मणप्पुरम गोल्ड
39 टन- मुथूट फिनकॉर्प