चेन्नई. चांद पर मनुष्य को भेजने की दिशा में भारत जल्द ही एक और कदम आगे बढ़ाएगा।
इसरो इसके लिए श्रीहरिकोटा से इसी महीने अपने अत्याधुनिक अंतरिक्ष यान जीएसएलवी एमके-3 का परीक्षण करेगा। परीक्षण सफल होने के साथ ही भारत इनसेट श्रेणी के 4500 से 5000 किलो वजनी उपग्रह को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने की क्षमता हासिल कर लेगा।
यान में एक मानव रहित मॉड्यूल लगा हुआ है जो पृथ्वी से करीब 125 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाने के बाद रॉकेट से अलग हो जाएगा। इसके बाद यह मॉड्यूल पोर्ट ब्लेयर से करीब 600 किमी दूर बंगाल की खाड़ी में गिरेगा।