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मोदी-पुतिन में 20 समझौतेः रूस भारत में बनाएगा हेलिकॉप्टर, सैनिकों को ट्रेनिंग भी देगा

7 वर्ष पहले
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(फोटोः शिखर बैठक के बाद मोदी-पुतिन।
नई दिल्ली. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' पर सहमति जताई है। इसके तहत रूस भारत में अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर बनाएगा और सैनिकों को ट्रेनिंग भी देगा। साथ ही दोनों देशों ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, तेल उत्खनन समेत अनेक क्षेत्रों में आपसी सहयोग के लिए 20 समझौतों एवं दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सबसे अहम समझौते के तहत रूस भारत में एक अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर बनाने का कारखाना लगाएगा। इसके कलपुर्जे भी भारत में ही बनेंगे। साथ ही रूस भारत में बने हथियारों का निर्यात भी कर सकेगा। रूस सुखोई एमकेआई 30 लड़ाकू विमानों का भारत में निर्माण भी जल्द ही शुरू करने वाला है। बता दें कि रूस को भारत में कारखाना लगाने की सलाह मोदी ने ही दी थी, जिसे पुतिन ने मान लिया।
रूस से रिश्तों की नई शुरुआतः मोदी
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ''हमारा रिश्ता दशकों पुराना है और अब हम नई शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं। रूस कई दशक से भारत का अग्रणी रक्षा सहयोगी रहा है। हम अब नए आर्थिक रिश्तों की ओर भी बढ़ेंगे।'' उन्होंने कहा, ''आतंक और उग्रवाद से लड़ना हमारी प्राथमिकताओं में से एक मुद्दा है। कुछ महत्वपूर्ण समझौते के साथ इस नई शुरुआत से मुझे भरोसा है कि दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयां तय करेंगे। हमारी साझेदारी और एक-दूसरे के हितों के प्रति मजबूत संवेदनशीलता दोनों देशों के लिए ताकत का काम करेगी।''
रूस की मदद से एक और कुडनकुलम बनाएगा भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद अकबरुद्दीन ने ट्वीट करके बताया कि भारत और रूस ने तेल व गैस शोधन की दिशा में साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा, कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लान्ट की तरह ही दूसरी यूनिट लगाने के लिए जगह तलाशने पर भी भारत ने सहमति दी। यहां रूसी डिजाइन का न्यूक्लियर प्लान्ट लगाया जाएगा।
नहीं हो सका मिनी ब्रह्मोस समझौता
भारत-रूस 15वीं शिखर बैठक में पांचवी पीढ़ी के युद्धक विमान, मध्यम परिवहन विमान और मिनी ब्रह्मोस मिसाइल के संयुक्त विकास के समझौतों पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। सूत्रों के अनुसार, रूस इन तीनों समझौतों के लिए बहुत उत्सुक था लेकिन भारत ने काम में हिस्सेदारी के मुद्दे को लेकर संयुक्त विकास एवं डिजायन परियोजनाओं पर आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
ये भी हुए अहम समझौते-
- एक करोड़ टन कच्चा तेल देगा रूस
रूस की शीर्ष कच्चे तेल उत्पादक कंपनी रोसनेट ने भारत के एस्सार ग्रुप को अगले दस सालों में एक करोड़ टन कच्चे तेल के निर्यात का समझौता किया है। रूसी बैंक वीटीबी एस्सार ग्रुप को एक अरब डॉलर का लोन भी देगी।
- पोटाश खनन
भारतीय खनन कंपनी एनएमडीसी ने एक्रान के साथ रूस में पोटाश खनन का समझौता किया है।
- 130 अरब का हीरा खरीद समझौता
भारत की 12 कंपनियों ने रूस की अलरोसा कंपनी से अगले तीन सालों में 130 अरब रुपए के कच्चे हीरों की खरीद का समझौता किया है। वर्ल्ड डायमंड कान्फ्रेंस में इस समझौते पर दस्तखत हुए।
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