फाइल फोटो: लद्दाख के देमचोक में कुछ दिनों पहले चीनी सेना ने खानाबदोशों की घुसपैठ करा दी थी। उन्होंने यहां पर अपने टेंट लगा दिए और हाथों में बैनर लेकर बताया था कि यह उनका क्षेत्र है। इस हरकत के बाद लद्दाख के आम नागरिक तिरंगा लेकर उनके सामने डट गए थे।
नई दिल्ली: चीन की सेना द्वारा भारतीय इलाकों में
घुसपैठ की कोशिशें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के बाद ताजा मामला सिक्किम सीमा का आया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गंगटोक से 56 किलोमीटर दूर नाथुला बॉर्डर पर मंगलवार को चीनी सैनिकों की भारतीय जवानों से हाथापाई हो गई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के सैनिक गश्त कर रहे थे। इसी दौरान गश्ती दल आमने-सामने आ गए। सरहद पर बाड़ की दूसरी तरफ मौजूद चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश की, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई हुई। भारतीय सेना ने अगली फ्लैग मीटिंग में यह मुद्दा उठाने का फैसला किया है।
भारत ने चीन के राजदूत को किया तलब
भारत ने चीन के राजदूत को बुधवार को तलब किया और लद्दाख के चुमार में जारी सैन्य गतिरोध का मुद्दा उठाया। सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने चीनी राजदूत ली युचेंग से घुसपैठ के बारे में पूछा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने इस बारे में बताया, "सीमा पर हाल में हुई कुछ घटनाओं को लेकर दोनों नेताओं (शी जिनपिंग और
नरेंद्र मोदी) ने बात की थी। उसके बाद की कई घटनाओं को लेकर दोनों देशों में अलग-अलग मंचों पर बात हो चुकी है। सार यह है कि कूटनीति जारी है, यह खामोशी से अपना काम कर रही है।" बता दें कि लद्दाख में भारतीय जमीन पर बीते कई दिनों से 1000 चीनी और 1500 भारतीय सैनिक आमने-सामने डटे हुए हैं।
चीनी राजदूत ने गतिरोध दूर होने का जताया भरोसा
वहीं, चीनी राजदूत ने एक अखबार के प्रतिनिधि से बातचीत में कबूल किया कि भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ चर्चा में सीमा के हालात भी मुद्दा थे। उन्होंने भरोसा जताया कि स्थिति को जल्द सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, यूचेंग का कहना था कि करीब 45 मिनट चली इस मुलाकात का सबब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे में बनी सहमति के एजेंडे पर क्रियान्वयन का रास्ता तलाशना था।
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