- 14 और 15 तारीख को फीड कर दी गई हैं सारी कमांड
- 22 को लिक्विड इंजन की टेस्ट फायरिंग होगी
बेंगलुरु. मंगलयान 24 सितंबर को मंगल की कक्षा में पहुंचेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से इस मिशन को सफल बनाने के लिए दो प्लान बनाए हैं। जानिए कैसे मिशन को अंजाम तक पहुंचाएंगे इसरो के वैज्ञानिक।
प्लान-ए: इसके तहत 22 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे लिक्विड इंजन की टेस्ट फायरिंग होगी। यान की दिशा में थोड़ा बदलाव किया जाएगा। इंजन करीब 3.968 सेकंड के लिए चालू होगा। इसमें करीब आधा किलो फ्यूल लगेगा। अभी यान में करीब 280 किलो फ्यूल भरा हुआ है। लिक्विड इंजन ने सही काम किया तो इसी प्लान के मुताबिक वैज्ञानिक आगे बढ़ेंगे।
प्लान-बी : प्लान ए के असफल होने पर 24 सितंबर को लिक्विड इंजन के चारों तरफ लगे आठ थ्रस्टर्स को ऑन किया जाएगा। इसमें लगभग पूरा फ्यूल खत्म होने की आशंका है। मंगल की कक्षा में बदलाव होगा। प्लान-ए में मंगलयान को मंगल की सतह से करीब 515 किमी की ऊंचाई पर तैरता, लेकिन प्लान बी में यह ऊंचाई बढ़कर करीब 723 किमी हो जाएगी। हालांकि इससे यान को कोई नुकसान नहीं होगा। बस मिशन में थोड़ी देर जरूर हो सकती है।
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