नई दिल्ली. अमेरिका में बिना किसी वैध कागजात के रह रहे करीब 4.5 लाख भारतीयों ने मोदी सरकार से अपने लिए पासपोर्ट सहित वैध दस्तावेज जारी करने की गुहार की है। उन्होंने मोदी-ओबामा के बीच दोस्ती के नए आयाम का हवाला देते हुए पत्र लिखे हैं। अमेरिका के न्यूजर्सी में रहने वाले ऐसे ही एक भारतीय रवि पटेल ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में यह जानकारी दी।
पटेल बिना कागजात के रह रहे लोगों के समूह के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा, अभी तक कोई समस्या नहीं थी क्योंकि स्थानीय परिचय पत्र के आधार पर ही बैंक अकाउंट से लेकर विवाह पंजीकरण तक की सुविधा मिल जाती थी।
कुछ समय पहले ही ओबामा सरकार ने डीएपीए-डीएसीए (इमीग्रेशन एक्जीक्यूटिव एक्शन) नीति की घोषणा की है। इसके तहत मई 2015 से पहले अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों को अपनी नागरिकता प्रमाणित करनी है। उन्होंने कहा, हमारा अनुरोध है कि भारत सरकार इस मामले में हमारी मदद करे।
पत्र में इन भारतीयों ने कहा है भारत और अमेरिका के बीच जब रिश्ते नए सोपान में जा रहे हैं तब भारत सरकार को मदद करनी चाहिए। विदेश मंत्रालय 7-9 फरवरी तक हैड ऑफ मिशन सम्मेलन कर रहा है, उसमें भी यह मुद्दा उठाना चाहिए।
इसी मौके पर मदद वाला कदम उठाना चाहिए। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति
बराक ओबामा के बीच मैत्रीपूर्ण बातचीत के मद्देनजर भी मोदी सरकार को अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए।
पटेल ने कहा, ‘मैक्सिको, आयरलैंड, फिलीपींस सहित कई देश अपने ऐसे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। हम अपने परिजनों को डॉलर भेज कर भारत की अर्थव्यवस्था में भी मदद करते हैं। हमने यहां एक संगठन ‘इंडियन फॉर आइडेंटिफिकेशन’ भी बनाया है।’ इधर, विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया सरकार स्तर पर इस समस्या पर चर्चा हो रही है। हालांकि मदद कैसे होगी, यह फिलहाल कहना उचित नहीं होगा।