(फाइल फोटोः एन. नारायणमूर्ति)
मुंबई. इन्फोसिस के चार संस्थापकों ने सोमवार को कंपनी के 3.26 करोड़ शेयर बेच दिए। उन्होंने यह बिक्री 1988.87 रुपए के भाव पर की। यह शुक्रवार के बंद भाव से चार फीसदी कम है। इस बिक्री से उन्हें करीब 6,500 करोड़ रुपए मिले। किसी कंपनी के संस्थापकों द्वारा शेयरों की यह संभवत: सबसे बड़ी बिक्री है।
शेयर बेचने वालों में एन. नारायणमूर्ति, नंदन नीलेकणी, एसडी शिबू लाल, के. दिनेश और उनके परिजन शामिल हैं। इसके लिए उन्होंने समाज सेवा और निजी कारणों का हवाला दिया है। इस शेयर बिक्री के बाद उनकी होल्डिंग 8 फीसदी से घटकर 5.1 फीसदी रह गई है। शेयर बिक्री की जिम्मेदारी ड्यूस बैंक को दी गई थी। हाल के सालों में यह कंपनी के शेयरों की बड़ी बिक्री है।
किसने कितने शेयर बेचे -
नारायणमूर्ति परिवार- 1.2 करोड़
नंदन नीलेकणी परिवार- 1.2 करोड़
के. दिनेश परिवार- 0.62 करोड़
शिबू लाल परिवार- 0.24 करोड़
33 साल पुरानी कंपनी -
सात इंजीनियरों ने मिलकर 1981 में इन्फोसिस की स्थापना की थी। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के खराब प्रदर्शन के बाद इस साल जून में पहली बार गैर-संस्थापक विशाल सिक्का को सीईओ नियुक्त किया गया था। इसके बाद कंपनी के शेयर 30 फीसदी से ज्यादा उछल चुके हैं। इन्फोसिस कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए जानी जाती है।
निजी कारणों का हवाला -
नारायणमूर्ति ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से शेयर बेचे हैं। इन्फोसिस और इसके लीडर्स में हमारे परिवार का पूरा भरोसा है। नंदन नीलेकणी ने भी कहा कि शेयर बेचने का मतलब यह नहीं कि कंपनी में उनका भरोसा कम हुआ है। हमने व्यक्तिगत कारणों और समाज सेवा के काम को आगे बढ़ाने के लिए ऐसा किया है।
शेयर 5 फीसदी लुढ़के
अचानक हुई इस बिक्री से इन्फोसिस के शेयर पांच फीसदी तक टूट गए। बीएसई में इसका बंद भाव 1968.60 रुपए था। एक्सपर्ट मानते हैं कि इस समय इन्फोसिस में निवेश का सही समय है। अगले 12-15 महीने में यह 2500 रुपए तक जा सकता है। इन्फोसिस एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी मानी जाती है।