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ममता के भतीजे अभिषेक का विवादित बयान, विरोध शराब बैन के लिए, न कि उत्पीड़न के खिलाफ

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटोः तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी)
कोलकाता. जाधवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ हुए यौन दुर्व्यवहार और उसके बाद उपजे छात्रों के गुस्से के जारी प्रदर्शन में अब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी कूद पड़े हैं। अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए तृणमूल सांसद अभिषेक ने कहा कि छात्र शराब और दूसरी असामाजिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, न कि यौन उत्पीड़न के विरोध में।
बनर्जी ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘क्या यह प्रदर्शन ड्रग्स, शराब और चरस पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण है?’ पार्टी सांसद की यह टिप्पणी जाधवपुर विवि के छात्रों द्वारा कुलपति और प्रति कुलपति तथा रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि में आई है।
अभिषेक की पोस्ट ऐसे समय आई है, जब ममता बनर्जी सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक नया पैनल बनाने का फैसला लिया है। वहीं रविवार को, राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पीड़ित छात्रा से उसके घर पर मुलाकात की औऱ जांच का भरोसा दिलाया। पार्थ ने कहा कि ''जांच कमेटी का गठन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर किया गया है।'' पार्थ ने कहा कि 'जांच कमेटी 72 घंटों में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।' उन्होंने कहा कि 'छात्रों की मांग पर बनाई गई नई जांच कमेटी में तीन से चार सदस्य हैं, जिनके नाम सोमवार को सार्वजनिक किए जाएंगे।' दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी छात्रों का प्रदर्शन अभी भी जारी है।

शनिवार को राज्यपाल से मिले थे छात्र-
बीते शनिवार को हजारों छात्रों ने वीसी के इस्तीफे की मांग पर कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। कोलकाता में इस रैली को अब तक सबसे बड़ा गैर राजनीतिक आयोजन माना जा रहा है। तेज बारिश भी छात्रों को रोक न सकी। छात्रों ने वीसी अभिजीत चक्रबर्ती को हटाए जाने की मांग पर राज्यपाल केएन त्रिपाठी से भी मुलाकात की और छात्रा के साथ हुए यौन दुर्व्यवहार और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी। त्रिपाठी ने छात्रों से अनुशासन बनाए रखने और सोमवार से कॉलेज लौटने की सलाह भी दी। उन्होंने छात्रों का आश्वस्त किया कि वे पूरे मामले को देखकर जल्द फैसला लेंगे।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यूनिवर्सिटी की एक छात्रा से हुए यौन दुर्व्यवहार के विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 सितंबर की रात यूनिवर्सिटी की मुख्य प्रशासनिक बिल्डिंग में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी के वीसी अभिजीत चक्रबर्ती का घेराव किया था, जिसके बाद मध्यरात्रि प्रबंधन ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने छात्रों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। इसके बाद ही छात्र उग्र हो गए और पुलिस पर बर्बरता बरतने का आरोप लगाते हुए चक्रबर्ती के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए। शनिवार को कोलकाता में इसी मांग पर छात्रों द्वारा मार्च निकाला गया था।
आगे देखें शनिवार को छात्रों द्वारा निकाले गए मार्च की तस्वीरें