फोटोः पुलिस की कार्रवाई के विरोध में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं।
कोलकाता. जाधवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रा से हुए यौन शोषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि मंगलवार रात प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसुलूकी की। छात्राओं का कहना है कि पुलिस के साथ बिना वर्दी में आए लोगों ने उनकी छातियों पर हाथ मारे और छात्रों के सीने पर लात रखकर रौंदा। छात्राओं का कहना है कि बाल पकड़ कर उन्हें घसीटा भी गया। छात्राओं का कहना है कि तकरीबन 10 मिनट तक पुलिस और उनके साथ आए लोग उनके साथ जोर जबर्दस्ती करते रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान घायल हुए दो छात्र अब भी आईसीयू में हैं। इस बीच, पुलिसिया एक्शन को
मोबाइल कैमरे से रिकॉर्ड कर तैयार किया वीडियो सोशल मीडिया में खासा वायरल हो रहा है।
कार्रवाई से पहले गेट और लाइट की गई बंद
छात्रों ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई के बारे में बताया कि पुलिस ने सबसे पहले सभी गेट बंद कर दिए और लाइट भी बंद करा दीं। प्रदर्शन कर रहे सभी छात्र गिटार और वायलन लेकर बैठे थे। इस हाथापाई में कुछ तृणमूल के लोग भी अंदर आ गए। अंधेरे में पुलिस वालों और सादे कपड़ों में आए लोगों के बीच फर्क करना मुश्किल था। छात्रों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के लोग, जो कल तक छेड़छाड़ मामले को अधिक संवेदनशील ढंग से निपटाने की मांग कर रहे थे, उन्होंने प्रशासन के लोगों के साथ मिलकर उनके साथ बर्बर व्यवहार किया। छात्रों ने पुलिस के एक्शन की तुलना 70 के दशक के नक्सली आतंक के दिनों से की। छात्रों का आरोप है कि बीती शाम तक प्रशासन या सरकार के एक भी प्रतिनिधि ने पुलिस लाठीचार्ज पर एक शब्द भी नहीं कहा। छात्रों ने सवाल भी पूछा कि क्या यूनिवर्सिटी में पुलिस के प्रवेश से पहले शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी को सूचना दी गई थी अथवा नहीं?
छात्रों ने क्लास का किया बायकॉट
पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी के वीसी अभिजीत चक्रबर्ती के इस्तीफे की मांग को लेकर हड़ताल कर दी है। छात्रों ने कक्षाओं का बायकॉट कर दिया है। छात्र वीसी और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, विभिन्न विभागों में पहले से तय परीक्षाओं को बायकॉट से अलग रखा गया है। विभिन्न छात्र संगठन यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के सामने विरोध कर रहे हैं। इनमें एसयूसीआई और बीजेपी के छात्र संगठन भी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोप नकारे
कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुरजीत कार पुरकायस्थ ने छात्रों के आरोप को नकारते हुए कहा है कि 'पुलिस ने छात्रों को नहीं पीटा।' उन्होंने कहा, 'पुलिस ने स्थिति को बहुत अच्छे ढंग से संभाला। जाधवपुर यूनिवर्सिटी के वीसी ने फोन कर हमें दखल देने के लिए कहा था।'
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