श्रीनगर. कश्मीर में आई भीषण बाढ़ के बाद अब राज्य के कई इलाकों में भूकंप का खतरा बढ़ गया है। बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक यहां भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। बुधवार रात डोडा तथा भद्रवाह इलाके में भूकंप के तीन हल्के झटके महसूस किए गए। रात 10:33 बजे पहला झटका, 10:40 पर दूसरा तथा तीसरा झटका गुरुवार शाम 5:48 बजे महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 और 3.7 मापी गई। झटकों से घबराए लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने रात बाहर ही गुजारी। उधर, श्रीनगर में हाइवे के शुरू होने से रोजाना सैकड़ों ट्रक श्रीनगर पहुंच रहे हैं। ट्रकों के जरिए राशन तथा तेल की सप्लाई की जा रही है। सरकार को वहां हालात सामान्य करने के लिए इन चीजों की सख्त जरूरत थी। सरकार का सारा स्टाॅक बाढ़ के पानी में खराब हो चुका है।
सचिवालय में काम शुरू
जम्मू-कश्मीर सचिवालय 11 दिनों बाद श्रीनगर में खुला लेकिन कर्मचारियों की मौजूदगी कम थी। लगभग 10 फीसदी कर्मचारी ही उपस्थित हुए। सरकार ने कर्मचारियों को फौरन अपनी ड्यूटी पर लौटने के आदेश दिए थे। सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर में भी अभी पानी जमा है। सरकार ने एक बैठक में फैसला किया कि शुक्रवार से सचिवालय पुरानी इमारत में चलेगा।
बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
इधर, सुप्रीम कोर्ट ने
जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान और सेवाओं की कमी को लेकर चिंता जाहिर की। चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को इस मसले पर सुनवाई की। कहा कि इससे लोगों के मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों में रुकावट रही है। बेंच ने महामारी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा। अगली पेशी 24 सितंबर को तय की गई है। राज्य सरकार से 23 सितंबर तक बाढ़ प्रभावितों के लिए उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।