आइडिएशन सेल। बिहार में जारी सियासी घमासान के बीच बागी हो चुके बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जेडीयू पार्टी से निकाल दिया गया है। जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविविधों के चलते मांझी के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
अपने विवादित बयानों से राजनीति में भूचाल पैदा करने वाले जीतन राम मांझी ने 20 मई 2014 को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अपने शॉर्टटर्म शासनकाल में ही मांझी ने विवादित बयानों का रिकॉर्ड बना दिया। वैसे मांझी के राजनीतिक बयान और कई प्रशासनिक फ़ैसले भी नीतीश और जदयू के लिए असहज स्थिति पैदा करते रहे हैं। शायद यही वजह है कि जदयू अब मांझी को पार्टी में और नहीं देखना चाहती थी।
आइए नजर डालते हैं मांझी के कुछ ऐसे ही विवादस्पाद बयानों पर...
- चूहा मारकर खाना खराब नहीं (30 अगस्त, 2014)
बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मांझी बोले थे- 'चूहा मारकर खाना खराब बात नहीं है।’ अगर मैं भी बाढ़ में फंसा होता तो जिंदा रहने के लिए मैं भी चूहा खाता। मैं खुद मुसहर जाति से ताल्लुक रखता हूं। इसमें बुराई क्या है।
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