चेन्नई: एमके अलागिरी के पार्टी से निलंबन के चार दिन बाद डीएमके अध्यक्ष, करुणानिधि ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि अलागिरी न केवल पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे बल्कि वे उलूल-जुलूल बयान दे रहे थे जिसे कोई भी पिता बर्दाश्त नहीं कर सकता।
चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए करुणानिधि ने कहा कि अलागिरी भूल गए कि वे पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर विराजमान हैं। वे समाचारपत्र और टेलीविजन माध्यमों में इस तरह का बयान दे रहे हैं जो पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ और निंदनीय है।
करुणानिधि ने कहा कि कोई पिता इस तरह के बयानों को कैसे बर्दाश्त कर सकता है। गौरतलब है कि अलागिरी ने अपने बयान में कहा है कि उनके पुत्र और पार्टी के कोषाध्यक्ष, एमके स्टालिन तीन महीने के अंदर मर सकते हैं। अगर कोई कहेगा कि मेरा पुत्र तीन महीने में मर जाएगा तो यह मैं कैसे बर्दाश्त कर पाउंगा। इस तरह का शब्द कोई भी पिता बर्दाश्त नहीं कर सकता है। लेकिन एक पिता के तौर पर मैंने इसे भी बर्दाश्त किया।
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात का खुलासा किया कि पार्टी से निलंबित किए जाने से पहले अलागिरी ने 24 जनवरी को मेरे घर पर मुलाकात की और उसने स्टालिन के बारे में शिकायत की। अलागिरी ने इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक पिता के लिए असहनीय था।
करुणानिधि ने कहा कि अलागिरी निलंबन के बाद मुझसे नहीं मिले। अगर उन्हें स्टालिन से किसी तरह की कोई समस्या थी तो वे मुझसे मिलकर अपनी बात रख सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके स्थान पर उन्होंने समाचारपत्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने अपनी बातें रखी। इसे देखते हुए अलागिरी को किसी भी तरह से सही नहीं माना जा सकता है।