नई दिल्ली. डीएमके मुखिया एम. करुणानिधि के परिवार की
लड़ाई खूनी शक्ल ले सकती है। पार्टी के अध्यक्ष और परिवार के मुखिया करुणानिधि ने अपने बड़े बेटे एम.के. अलागिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। करुणा के मुताबिक अलागिरी ने कहा है कि एम.के. स्टालिन तीन महीनों में मर जाएगा। करुणा का कहना है कि अलागिरी ने ऐसा कह कर उनका दिल तोड़ दिया है। उन्होंने
प्रधानमंत्री से अपने और छोटे बेटे स्टालिन के लिए सुरक्षा की
मांग की है। हालांकि, स्टालिन ने अलागिरी पर पलटवार करते हुए कहा है कि एक दिन हर किसी को मरना है।
डीएमके प्रमुख ने पहली बार यह बात
सार्वजनिक की है और कहा, 'अलागिरी के मन में काफी समय से स्टालिन के प्रति नफरत भरी है। 24 जनवरी को तो हद ही पार हो गई। वह सुबह में मेरे घर आया और स्टालिन की शिकायत की। मैं बिस्तर पर पड़ा था। उसने बेहद आपत्तिजनक और नफरत भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। उसे सुन कर मैं अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सका। उसने जो कुछ कहा वह याद कर आज भी मेरा सीना छलनी हो जाता है। उसने कहा कि स्टालिन तीन-चार महीनों में मर जाएगा। कोई बाप ऐसी बात बर्दाश्त नहीं कर सकता, लेकिन मैंने किया। क्योंकि, मैं पार्टी का अध्यक्ष भी हूं।'
गौरतलब है कि 24 जनवरी को ही करुणानिधि ने अलागिरी को डीएमके से निलंबित करने का आदेश जारी किया था। बताया जाता है कि उन्होंने यह फैसला अलागिरी के इस रुख के बाद ही लिया था।
स्टालिन ने दिया अलागिरी को 'गीता का ज्ञान', 'जो पैदा हुआ है उसे एक दिन मरना है'
डीएमके प्रमुख करुणानिधि के बेटे एम.के. स्टालिन ने अलागिरी की टिप्पणी का जवाब दिया है। स्टालिन ने कहा है कि एक दिन तो सभी को मरना है अलागिरी को टिप्पणियों को हल्के में लेते हुए स्टालिन ने कहा है कि जो भी लोग जन्मे हैं, उन सभी को एक दिन मरना ही है। पार्टी में अंदरूनी अनुशासन की सीख देते हुए स्टालिन ने अपने बड़े भाई अलागिरी के पुतले जलाए जाने पर भी कार्यकर्ताओं का विरोध जताया है उन्होने कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
करुणा ने मांगी सुरक्षा
अपने छोटे बेटे स्टालिन को बड़े बेटे अलागिरी से मिली धमकी से परेशान डीएमके सुप्रीमो एम. करुणानिधि ने प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। करुणानिधि ने अपनी चिट्ठी में अपने छोटे बेटे स्टालिन की सुरक्षा बढ़ाए जाने की भी मांग की है। करुणानिधि की इस चिट्ठी को प्रधानमंत्री कार्यालय ने गृह मंत्रालय को सौंप दिया है। हालांकि गृह मंत्रालय आम चुनाव के मद्देनजर स्टालिन की सुरक्षा बढ़ाने पर पहले से ही विचार कर रहा था।
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